नितिन नामदेव, रायपुर। राजधानी रायपुर में सरकारी विभागों में वाहन किराए पर लगाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. एक शातिर दलाल ने करीब 25 से अधिक वाहन मालिकों को झांसे में लेकर उनकी गाड़ियां हड़प लीं और अब उनका कहीं पता नहीं चल रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ितों ने कांग्रेस नेता पंकज शर्मा और बिरगांव महापौर नंदलाल देवांगन के साथ रायपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है.

सरकारी दफ्तरों में ड्यूटी का दिया था झांसा

पीड़ित वाहन मालिकों का आरोप है कि प्रेम साहू, शशिकांत यादव और रोहित सरोज नामक व्यक्तियों ने उनसे संपर्क किया था. उन्होंने दावा किया था कि उनकी गाड़ियां सरकारी विभागों और प्राइवेट कंपनियों में अच्छे किराए पर लगाई जाएंगी. भरोसे में आकर मालिकों ने विधिवत एग्रीमेंट कर अपनी नई गाड़ियां उन्हें सौंप दीं.

फोटो: आरोपी शशिकांत यादव और रोहित सरोज.

GPS बंद कर गाड़ियां कीं गायब

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, पिछले कई महीनों से उन्हें किराए का भुगतान नहीं मिला है. जब उन्होंने अपनी गाड़ियों की लोकेशन चेक करनी चाही, तो पता चला कि गाड़ियों में लगे GPS सिस्टम को भी बंद या हटा दिया गया है. आरोपी ‘आज-कल’ का बहाना बनाकर समय टालते रहे और अब गाड़ियां लेकर फरार हैं. पीड़ितों को डर है कि उनकी गाड़ियां कहीं गिरवी रख दी गई हैं या बेच दी गई हैं.

आरोपियों पर सख्त कार्रवाई और गाड़ियां बरामद किए जाएं : कांग्रेस नेता पंकज शर्मा

सोमवार को बड़ी संख्या में वाहन मालिक कमिश्नर कार्यालय पहुंचे. पीड़ितों के साथ आए कांग्रेस नेता पंकज शर्मा ने कहा, “यह एक गंभीर धोखाधड़ी है. आरोपियों ने ऐसे नामों से एग्रीमेंट कराए जिन्हें कोई जानता तक नहीं. करीब 25 गाड़ियां गायब हैं, जिनका किराया 6 महीने से नहीं मिला है. कई मालिकों ने कर्ज लेकर गाड़ियां ली थीं, जिनकी ईएमआई भरना अब मुश्किल हो रहा है. हम मांग करते हैं कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हो और गाड़ियां बरामद की जाएं.”

इस पूरे मामले में आरोपी प्रेम साहू का कहना है कि मैं गाड़ी रेंट पर लगाने के लिए शशिकांत यादव और रोहित सरोज को देता था. वे दोनों लोग मुझे गवर्नमेंट और प्राइवेट में लगवाने के लिए गाड़ी मांगते थे, और मैं लोगों से वाहन लाकर देता था. बाद में हमने दुर्ग जाकर पता किया. वहां पता चला की गाड़ी गिरवी रखी जाती थी और बेची जाती थी. सरकारी डिपार्टमेंट में गाड़ीयां नहीं चलती थी.

पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

प्रेम ने यह भी कहा कि आरोपी शशिकांत और रोहित सरोज दोनों घर में बैठे हैं. उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो रही है. हम सिविल लाइन थाने भी गए थे. वहां जाने के बाद भी कोई भी हमारा आवेदन स्वीकार नहीं कर रहा था. किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई थी.