पटना। राजधानी के रामकृष्ण नगर में औषधि नियंत्रण प्रशासन ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नशीली दवाओं के अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है। सहायक औषधि नियंत्रक चुनेंद्र महतो के नेतृत्व में हुई इस छापेमारी में 19 लाख रुपये मूल्य के नशीले इंजेक्शन, कोडीन युक्त कफ सिरप और प्रतिबंधित टैबलेट बरामद किए गए हैं। पुलिस ने अवैध गोदाम को सील कर दिया है।
किराए के मकान से चल खेल था खेल
जांच टीम ने आशोचक चकरियापुर स्थित एक किराए के मकान पर दबिश दी, जिसके निचले हिस्से को गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। इस मामले में मकान मालिक अनिमेश कुमार सहित रोहित कुमार, देवघर कुमार और कुमार गौतम के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। फिलहाल चारों आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।
फर्जी दस्तावेजों से अंतरराज्यीय सप्लाई
जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह फर्जी कागजातों के आधार पर दवाओं की अवैध तस्करी कर रहा था। पटना से बेतिया, कटिहार, पूर्णिया, मोतिहारी और दरभंगा जैसे जिलों में इन दवाओं की सप्लाई की जाती थी। गिरोह के तार अन्य राज्यों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े होने की भी आशंका है। पुलिस अब नेटवर्क के मास्टरमाइंड और फरार ऑटो चालक की तलाश में जुटी है।
एक सप्ताह में दूसरी बड़ी कार्रवाई
ड्रग विभाग की यह एक हफ्ते के भीतर दूसरी बड़ी सफलता है। इससे पहले 8 फरवरी को रामकृष्ण नगर में ही ‘विभा बायोटेक’ नामक फर्जी फैक्ट्री का खुलासा हुआ था। वहां से 8 लाख रुपये की नकली दवाएं, रैपर और मशीनें जब्त की गई थीं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग और इस अवैध धंधे के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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