कुंदन कुमार, पटना। बिहार में विधान सभा का बजट सत्र जारी है। ऐसे में आज मंगलवार (17 फरवरी) को सत्र के 11वें दिन सदन के अंदर सत्ता पक्ष के सदस्य ने शराबबंदी के समीक्षा करने की बात कर दी। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक माधव आनंद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, बिहार में शराबबंदी हुई अच्छी बात है। समय-समय पर उस कानून में बदलाव भी किया गया। यह भी अच्छी बात है, लेकिन अब ऐसा समय आ गया है कि शराब बंदी की समीक्षा किया जाए।
माधव आनंद ने कहा कि, सभी कानून से लोगों को फायदे भी होते हैं, नुकसान भी होते हैं। लेकिन बिहार विधानसभा में जिस तरह से सूखा नशा के प्रचलन पर अधिकांश सदस्य बोलते हैं, बात करते हैं। वैसे ही हम एक बार सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी से एक अर्थशास्त्री होने के नाते मांग की है की शराबबंदी से बिहार को कितना फायदा हुआ है? क्या घाटा हुआ? एक बार उसकी समीक्षा कर ली जाए।
उन्होंने आगे कहा कि, हम लोग बड़े-बड़े मेट्रोपॉलिटन शहर में रहते हैं। वहां शराबबंदी नहीं है, फिर भी लोग अपने हिसाब से काम करते हैं, तो पहले लोगों को शराब के नफा और नुकसान के बारे में समझना जरूरी है। वैसे मुख्यमंत्री नीतीश जी अब इसको लेकर क्या निर्णय लेते हैं? वह आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन हमारा यह विचार है कि बिहार में शराबबंदी है और इस शराबबंदी की समीक्षा होनी चाहिए।
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