कुंदन कुमार/ पटना। ​AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरुल ईमान ने नीतीश सरकार की शराबबंदी नीति पर जोरदार प्रहार किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बिहार में शराबबंदी का वजूद अब केवल सरकारी नोटिफिकेशन तक ही सीमित रह गया है। धरातल पर शराबबंदी नाम की कोई चीज नहीं है, बल्कि अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है।

​सत्ता के संरक्षण में फल रहा कारोबार

​ईमान ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में शराब की बिक्री सत्ता के संरक्षण में की जा रही है। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सब कुछ जान-बूझकर होने दिया जा रहा है। विधायक के अनुसार, जब कानून लागू करने वाले ही मौन हों, तो ऐसी शराबबंदी का कोई औचित्य नहीं रह जाता।

​बर्बाद होती नई पीढ़ी और सूखा नशा

​सबसे चिंताजनक पहलू नई पीढ़ी को लेकर है। ईमान ने आगाह किया कि शराब के विकल्प के रूप में अब सूखा नशा पैर पसार चुका है, जिससे युवा पीढ़ी पूरी तरह बर्बाद हो रही है। उन्होंने कहा कि कानून अपनी जगह सही हो सकता है, लेकिन इसका वर्तमान स्वरूप और क्रियान्वयन पूरी तरह विफल है। अब जबकि सत्तापक्ष के लोगों की भी नींद खुल रही है, तो यह स्पष्ट है कि व्यवस्था में गहरे छेद हैं।