Rajasthan News: राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने मंगलवार को न्यायिक अनुशासन को लेकर एक कड़ा संदेश दिया है। जोधपुर के पुराने हाईकोर्ट हेरिटेज भवन और जिला न्यायालयों के औचक निरीक्षण के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने जोधपुर महानगर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश (DJ) सहित आठ न्यायिक अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से एपीओ (पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा) कर दिया है।

बम की धमकी के बीच सरप्राइज विजिट

हैरानी की बात यह रही कि मंगलवार सुबह हाईकोर्ट परिसर में बम होने की धमकी मिली थी, जिसके कारण सुरक्षा एजेंसियां चप्पे-चप्पे की जांच कर रही थीं। इसी गहमागहमी के बीच कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा अचानक निरीक्षण पर निकल गए। उन्होंने जोधपुर महानगर और जोधपुर जिला न्यायालयों का दौरा किया।

अनुपस्थित जजों के कमरों की खुद खींची फोटो

निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने पाया कि कोर्ट का समय होने के बावजूद कई कोर्ट रूम खाली थे और न्यायिक अधिकारी अपनी सीट पर मौजूद नहीं थे। अनुशासनहीनता और लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने अनुपस्थित अधिकारियों के खाली कक्षों की तस्वीरें खुद अपने मोबाइल फोन से लीं। इसके तुरंत बाद वे झालामंड स्थित हाईकोर्ट मुख्यालय पहुंचे और रजिस्ट्रार जनरल को कार्रवाई के निर्देश दिए।

ये अधिकारी किए गए APO

  1. अजय शर्मा: जिला एवं सत्र न्यायाधीश (DJ), जोधपुर महानगर।
  2. मनीषा चौधरी
  3. मनीषा शर्मा
  4. नेहा शर्मा
  5. करुणा शर्मा
  6. प्रवीण चौधरी
  7. सीमा सांदू
  8. मनोज जीनगर

हाईकोर्ट मुख्यालय में किया तलब

आदेश के तहत डीजे अजय शर्मा को राजस्थान हाईकोर्ट मुख्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने को कहा गया है, जबकि अन्य सात न्यायिक अधिकारियों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जोधपुर जिला मुख्यालय पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

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