कुंदन कुमार, पटना। बिहार में शराबबंदी पर बहस शुरू हो गई है। एक तरफ जहां केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी शराबबंदी के पर ये कहते नजर आ रहे हैं कि शराबबंदी से बिहार का पैसा बाहर जा रहा है। बाहर से शराब आ रहा है। शराब रुक नहीं रहा है, तो वहीं उनके पुत्र और बिहार सरकार में मंत्री संतोष सुमन ने शराबबंदी के पक्ष में नजर आ रहे हैं।
मांझी जी का अपना निजी विचार- संतोष सुमन
विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत में संतोष सुमन ने कहा कि, शराबबंदी अच्छी चीज है, इससे बिहार में नीचे तबके के लोगों को ज़्यादा फायदा है। शराबबंदी से ऐसे लोगों को फायदा है, जो प्रतिदिन कमाते थे और शराब में अपना पैसा उड़ा देते थे। आज वो यह काम नहीं कर रहे हैं।
वहीं, जीतन राम मांझी द्वारा शराबबंदी की समीक्षा किए जाने की मांग पर उन्होंने कहा कि, मांझी जी क्या बोलते है? क्या नहीं? उनका अपना निजी विचार है। मेरी राय है कि शराबबंदी बहुत अच्छा है। समय समय पर मुख्यमंत्री जी इसका समीक्षा भी कर ही रहे हैं।
मांझी ने जताई थी यह चिंता
बता दें कि बीते दिन सदन में आरएलएम के विधायक माधव आनंद ने सरकार से शराबबंदी की समीक्षा करने की मांग की थी। वहीं, आज गयाजी में जीतनराम मांझी ने शराबबंदी की विफलता पर चिंता जताते हुए कहा कि, राज्य में शराब की होम डिलीवरी धड़ल्ले से हो रही है। उन्होंने चिंता जताई कि बाहर से महंगी शराब बिहार आ रही है, जिससे राज्य का पैसा दूसरे राज्यों की झोली में जा रहा है। राजस्व का एक बड़ा स्रोत बंद होने के कारण सरकार को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है, जबकि अवैध कारोबार पर लगाम नहीं लग पाई है।
मांझी ने आगे कहा कि शराबबंदी के नाम पर गरीबों को प्रताड़ित किया जा रहा है और वे जेल जा रहे हैं, जबकि रसूखदार लोग और अफसर बंद कमरों में शाम ढलते ही शौक पूरा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी गंभीर आरोप भी लगाया कि शराब माफिया अब इतने ताकतवर हो गए हैं कि वे चुनाव लड़ रहे हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं।
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