अजयारविंद नामदेव, शहडोल। जिले के अमझोर वन परिक्षेत्र के सीधी सर्किल अंतर्गत महादेवा क्षेत्र में लकड़ी की अवैध कटाई और तस्करी रोकने पहुंचे वन विभाग के अमले पर माफिया ने हमला कर दिया। हमले में रेंजर तरुणेंद्र सिंह और डिप्टी रेंजर दुर्गा प्रसाद अहिरवार सहित कई बीट गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ कर्मचारियों के सिर फूट गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद घायल वन अमले ने डायल 112 पर संपर्क कर मदद मांगी। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और बंधक बने वन कर्मियों को छुड़ाकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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लाठी-डंडों, पत्थरों से हमला

दरअसल अमझोर वन परिक्षेत्र के रेंजर तरुणेंद्र सिंह, डिप्टी रेंजर दुर्गा प्रसाद अहिरवार को अवैध कटाई एवं परिवहन की सूचना मिली। कार्यवाही करने पहुंची टीम ने मौके पर महेंद्र यादव और सुरेन्द्र यादव को पकड़ा। आरोपियों ने पहले वन अमले को कार्यवाही न करने दबाव बनाया और फिर दूसरे स्थान पर ले जाने का बहाना बनाकर टीम को अंदरूनी क्षेत्र में ले गए। जहां पहले से मौजूद लोगों के साथ मिलकर लाठी-डंडों, पत्थरों से हमला कर दिया।

पहले भी फॉरेस्ट टीम पर जानलेवा हमला

गौरतलब है कि हाल ही में शहडोल मुख्यालय से लगे क्षेत्र में भी कोल माफियाओं द्वारा गश्त कर रही फॉरेस्ट टीम पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसमें रेंजर सहित कई वनकर्मी घायल हुए थे। इन हमलों ने जंगलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। DFO तरुणा वर्मा ने बताया कि लड़की तस्करी की सूचना पर वन अमला पहुंचा था, तभी कुछ लोगों ने उन्हें बंधक बनाकर हमला कर दिया। थाना प्रभारी अजय बैगा का कहना है कि वन कर्मियों पर हमले की शिकायत पर मामला दर्ज किया है।

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