पटना। बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के 13वें दिन सदन की कार्यवाही काफी हंगामेदार रही। इस दौरान उपमुख्यमंत्री और मंत्री विजय सिन्हा अपने कड़े तेवरों में नजर आए। उन्होंने विपक्षी विधायकों को दोटूक जवाब देते हुए खुद की तुलना ‘अंगद’ से कर दी।
अंगद का पैर कोई नहीं खींच सकता
सदन में राजद विधायक राहुल कुमार ने इस्लामपुर में जमीन कब्जे का मुद्दा उठाते हुए विजय सिन्हा पर तंज कसा कि आपके अपने ही लोग आपका पैर खींच रहे हैं। इस पर उपमुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा, “मैं अंगद हूं, मेरा पैर कोई नहीं खींच सकता। मेरी दवा कड़वी जरूर होती है, लेकिन उसका असर पक्का होता है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक वे मंत्री पद पर हैं, अपना काम पूरी निष्ठा से करते रहेंगे।
भूमिहार ब्राह्मण और जातिगत गणना का मुद्दा
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े एक सवाल पर विजय सिन्हा ने साफ किया कि सरकारी अभिलेखों में ‘भूमिहार ब्राह्मण’ नाम पहले की तरह ही दर्ज रहेगा और इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। दरअसल, अतरी विधायक रोमित कुमार ने शून्य काल में यह मुद्दा उठाया था कि 2023 की जाति आधारित गणना की सूची से इस जाति का नाम हटा दिया गया है, जबकि 1931 में इनकी आबादी 9 लाख दर्ज थी।
कचरा निष्पादन पर ‘प्रॉक्सी मंत्री’ का तंज
नगर विकास विभाग से जुड़े कचरा निष्पादन के सवाल पर भाजपा विधायक आपस में ही उलझ गए। मोतिहारी विधायक प्रमोद कुमार ने जब कचरे से ऊर्जा उत्पादन पर सवाल किया, तो पूर्व मंत्री जीवेश मिश्रा उनके जवाब में जानकारी देने लगे। इस पर बिहारशरीफ विधायक सुनील कुमार ने तंज कसते हुए जीवेश मिश्रा से पूछा, क्या आप प्रॉक्सी मंत्री हैं? हालांकि, स्पीकर के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
ग्रामीण विकास पर घमासान
सदन की शुरुआत में राजद विधायक सर्वजीत ने ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों को रोकने संबंधी बयानों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कटौती प्रस्ताव लाने वाले सदस्यों के क्षेत्रों में विकास रोकना गलत परंपरा है और ऐसे बयानों के लिए मंत्री पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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