​नालंदा। जिले के उतरनामा गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब गुरुवार सुबह एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में गांव के ही एक बगीचे में मिला। मृतक की पहचान 32 वर्षीय दिलीप कुमार के रूप में हुई है, जो राजकुमार प्रसाद का पुत्र था। परिजनों ने इसे सामान्य मौत नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या करार दिया है।

​लापता होने के बाद मिला शव

​जानकारी के अनुसार, दिलीप बुधवार शाम करीब 7:30 बजे शौच के लिए घर से निकला था। जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। गुरुवार की सुबह ग्रामीणों ने बगीचे में उसका शव देख पुलिस और परिजनों को सूचित किया। दिलीप अपने चार भाइयों में दूसरे नंबर पर था और गांव में ही मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था।

​करंट लगाकर हत्या की आशंका

​मृतक के भाई दीपक कुमार ने सीधे तौर पर एक मुर्गी प्लांट पर आरोप लगाया है। उनके अनुसार, दिलीप वहां मिट्टी और बालू ढुलाई का काम करता था। परिजनों का दावा है कि प्लांट के भीतर ही उसे करंट लगाकर मौत के घाट उतारा गया और साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से रात के अंधेरे में शव को बगीचे में फेंक दिया गया।

​पुलिस और FSL की जांच शुरू

​घटना की गंभीरता को देखते हुए सदर डीएसपी-2 संजय कुमार जयसवाल ने मौके का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में मामला करंट लगने का लग रहा है, लेकिन सच्चाई का पता लगाने के लिए FSL (फॉरेंसिक) टीम और डॉग स्क्वायड को बुलाया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह हादसा है या सुनियोजित हत्या।