दिल्ली सरकार ने दिल्ली फूड सिक्योरिटी रूल-2026 लागू करने के बाद अब नए राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया के लिए सटीक SOP जारी कर दी है। अब नए राशन कार्ड के लिए केवल ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन मान्य होगा। रजिस्ट्रेशन करने वाले परिवार के मुखिया को अपने साथ परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड जमा करने होंगे। आवेदन की जांच तीन स्तरों पर होगी। अंतिम निर्णय यह तय करेगा कि आवेदन स्वीकार किया जाए या नहीं, और इसे डिस्ट्रिक्ट लेवल कमिटी करेगी।

दिल्ली में राशन कार्ड के नए रूल्स

दिल्ली सरकार ने जरूरतमंद लोगों के लिए नए राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया को औपचारिक रूप दे दी है। बीते सप्ताह ही दिल्ली फूड सिक्योरिटी रूल्स 2026 की अधिसूचना जारी की गई थी और अब 8.27 लाख वैकेंसी के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। नए राशन कार्ड के लिए केवल ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन मान्य होगा। इसके लिए आवेदन करने वाले को http://edistrict.delhigovt.nic.in पर जाकर आवेदन करना होगा। रजिस्ट्रेशन करते समय परिवार के मुखिया को अपने साथ सभी सदस्यों के आधार कार्ड जमा करने होंगे। आवेदन की जांच तीन स्तरों पर की जाएगी। अंतिम फैसला डिस्ट्रिक्ट लेवल कमिटी करेगी कि आवेदन स्वीकार किया जाए या नहीं।

आवश्यक दस्तावेज़ और शर्तें:

परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड: रजिस्ट्रेशन के दौरान सिर्फ मुखिया ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार के सदस्य के आधार कार्ड जमा करना होंगे।

रेजिडेंस प्रूफ: अगर किसी सदस्य के आधार कार्ड पर दिल्ली का पता नहीं है, तो उसे दिल्ली का प्रूफ ऑफ रेजिडेंस देना होगा।

आय सीमा: परिवार की सालाना आय 1.20 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके लिए केवल रेवेन्यू डिपार्टमेंट से जारी इनकम सर्टिफिकेट मान्य होगा।

उपयोगिता बिल: परिवार के किसी सदस्य के नाम पर बिजली का बिल देना अनिवार्य होगा।

नए नियमों में की गई खास व्यवस्था

दिल्ली सरकार ने नई राशन कार्ड SOP में महिलाओं को परिवार का मुखिया बनाने का प्रावधान किया है। इसके मुताबिक परिवार में सबसे बड़ी महिला ही राशन कार्ड पर मुखिया मानी जाएगी। अगर महिला की उम्र 18 साल से कम है, तो पुरुष को मुखिया बनाया जाएगा। जैसे ही वह महिला 18 वर्ष की होगी, राशन कार्ड में वही मुखिया मान्य होगी। रजिस्ट्रेशन के बाद दो स्तर पर सख्त वेरिफिकेशन होगा ताकि पात्रता और दस्तावेज़ों की पुष्टि हो सके। इस कदम का उद्देश्य है महिलाओं को परिवार में अधिकार और पहचान देना, साथ ही राशन वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना।

•  तीन-स्तरीय वेरिफिकेशन:

फील्ड वेरिफिकेशन: पहले फूड सप्लाई ऑफिसर परिवार का दौरा कर फिजिकल चेक करेगा।

सहायक आयुक्त: फील्ड रिपोर्ट के आधार पर दस्तावेजों और जानकारी की जांच करेगा।

डीएम कमिटी: फाइल अंततः जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) की अध्यक्षता में बनने वाली डिस्ट्रिक्ट लेवल कमिटी को जाएगी। यह कमिटी तय करेगी कि कौन सा परिवार सबसे जरूरतमंद है और उसे राशन कार्ड की मंजूरी दी जाएगी।

•  रजिस्ट्रेशन में बदलाव:

अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य है। यह सुनिश्चित करेगा कि परिवार के सभी सदस्यों की सही जानकारी और पात्रता की जांच हो सके।

राशन कार्ड बनवाने के लिए ये सर्टिफिकेट जरूरी

अब राशन कार्ड के लिए फैमिली इनकम सर्टिफिकेट अनिवार्य होगा, जिसे रेवेन्यू डिपार्टमेंट से जारी कराना होगा। पहले यह सेल्फ अटेस्टेड होता था, अब ऑफिशियल प्रमाण जरूरी है। फूड सप्लाई ऑफिसर – फील्ड वेरिफिकेशन करेगा। सहायक आयुक्त – दस्तावेज़ और रिपोर्ट की जांच करेगा। डीएम कमिटी – अंतिम मंजूरी देगी और तय करेगी कि सबसे ज्यादा जरूरतमंद परिवार को पहले राशन कार्ड मिलेगा।

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