कुंदन कुमार/ पटना। ​बिहार विधान परिषद में गुरूवार को ध्वनि प्रदूषण का मुद्दा गूंजा। विपक्षी सदस्यों ने राज्य में डीजे (DJ) के अनियंत्रित शोर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की। विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए सत्ता पक्ष ने स्पष्ट किया कि सरकार इस गंभीर समस्या को लेकर संजीदा है और उचित कदम उठाने पर विचार कर रही है।

​डीजे पर बैन और कड़े नियम

​उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि डीजे पर प्रतिबंध लगाने के विषय में सरकार के भीतर चर्चा चल रही है। उन्होंने वर्तमान नियमों की याद दिलाते हुए कहा कि बिना वैध लाइसेंस के किसी भी वाहन पर डीजे बजाना पूरी तरह गैरकानूनी है। साथ ही, रात के समय डीजे बजाने पर पहले से ही रोक है। मंत्री ने स्वीकार किया कि बढ़ता ध्वनि प्रदूषण आम जनजीवन और स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार मौजूदा नियमों की समीक्षा करेगी और इसे सख्ती से लागू करवाने के लिए जल्द ही ठोस निर्णय लेगी।

​इथेनॉल उत्पादकों के लिए खुशखबरी

​ध्वनि प्रदूषण के अलावा, राज्य में इथेनॉल उत्पादन को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। मंत्री ने बताया कि बिहार में अनाज से इथेनॉल बनाने वाले कारखानों की संख्या देश में सबसे अधिक है। केंद्र द्वारा खरीद की मात्रा कम होने के कारण फैक्ट्री संचालकों को वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
​दिलीप जायसवाल ने साझा किया कि बिहार सरकार ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से विस्तार से बात की है। समाधान निकाल लिया गया है और केंद्र सरकार जल्द ही बिहार के संपूर्ण इथेनॉल उत्पाद को खरीदने के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब राज्य के इथेनॉल उत्पादकों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।