कुंदन कुमार/ पटना। बिहार विधान परिषद में बजट सत्र के दौरान उस समय स्थिति काफी दिलचस्प हो गई जब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में हुए इस घटनाक्रम ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।
बजट सत्र के दौरान विधान परिषद में मंत्री अशोक चौधरी सरकार की उपलब्धियां गिना रहे थे। वे विस्तार से बता रहे थे कि कैसे बिहार सरकार विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है। ठीक उसी समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी सदन में मौजूद थे। जब अशोक चौधरी सरकार का पक्ष मजबूती से रख रहे थे, तभी विपक्षी दलों ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
सुनील सिंह का मानस पुत्र वाला कटाक्ष
सदन से बाहर निकलते ही राजद के विधान पार्षद (MLC) सुनील कुमार सिंह ने मोर्चा खोल दिया। उन्होंने अशोक चौधरी पर निशाना साधते हुए बेहद तीखी और विवादित टिप्पणी की। सुनील सिंह ने कहा, अशोक चौधरी खुद को मुख्यमंत्री का मानस पुत्र मानते हैं। अब यह मानस पुत्र क्या होता है, यह समझ से परे है।
ब्लूटूथ और संसर्ग पर तंज
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सुनील सिंह ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि बिना संसर्ग के जो जन्म लेता है, उसे ही मानस पुत्र कहा जाता है। उन्होंने आज के डिजिटल युग का हवाला देते हुए तंज कसा कि अब तो ब्लूटूथ का जमाना है, अब वह (अशोक चौधरी) खुद ही बताएंगे कि वह किस प्रकार के मानस पुत्र हैं।सुनील सिंह के इस बयान ने बिहार की राजनीति में व्यक्तिगत छींटाकशी के एक नए अध्याय को जन्म दे दिया है।
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