शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र जारी है, आज सदन में एक बार फिर जोरदार हंगामा देखने को मिला। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान अदाणी ग्रुप से जुड़े मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से तीखे लहजे में कहा- “औकात में रहो!” इस बयान से सदन में हंगामा बढ़ गया और कार्यवाही प्रभावित हुई।

बजट सत्र के इस दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस चल रही थी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर अदाणी ग्रुप के साथ समझौते का आरोप लगाते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार और अदाणी के बीच कुछ गड़बड़ है, जिससे जनता को नुकसान हो रहा है। इस पर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भड़क उठे और आसन से बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष से कहा, “अपनी औकात में रहो!” यह सुनते ही विपक्षी विधायकों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। सदन में शोर-शराबा बढ़ गया, जिसके कारण स्पीकर को कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित करनी पड़ी।

हंगामे के बीच एक और महत्वपूर्ण घटना सामने आई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन में एक मामले पर माफी मांगी, जिससे विपक्ष थोड़ा शांत हुआ। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार से सवाल किया कि लाड़ली बहना योजना में नई बहनों का पंजीयन क्यों बंद कर दिया गया है? उन्होंने कहा कि बजट में लाड़ली बहना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, लेकिन नई पंजीकरण बंद होने से लाखों बहनें वंचित हो रही हैं। सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

सीएम डॉ मोहन का सदन में संबोधन 

मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र में आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को “छोटे भाई” कहकर संबोधित किया और कहा कि विपक्ष की हरकतों की वजह से जनता उन्हें लगातार विपक्ष में ही रखती है। सीएम ने सरकार की उपलब्धियों के आंकड़े गिनाते हुए कांग्रेस के शासनकाल की आलोचना की।

सीएम ने कहा कि  “पक्ष ने पक्ष की बात कही, प्रतिपक्ष ने अपनी बात कही। मैं मध्य प्रदेश की जनता की ओर से लोकतंत्र के इस देवालय को प्रणाम करता हूं और अभिनंदन करता हूं। मैं राज्यपाल महोदय का हृदय से अभिनंदन और आभार व्यक्त करता हूं। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में मध्य प्रदेश की विकसित तस्वीर और भविष्य के समृद्ध, आत्मनिर्भर एवं विकसित प्रदेश की झलक दिखाई।थोड़ा अच्छा होता अगर महामहिम अपनी बात कह रहे थे, तब नेता प्रतिपक्ष अपने दल के सदस्यों से कहते कि राज्यपाल का तो कम से कम सम्मान करना चाहिए। लेकिन मन कभी-कभी दुखी होता है… तो ठीक है, आप यही करते रहिए। यही कारण है कि प्रदेश की जनता आपको विपक्ष में बिठाती रहती है और 20 साल तक ऐसे ही बैठे रहेंगे।

मैं तो छोटे भाई नेता प्रतिपक्ष से भी कहना चाहूंगा – दाबोद की बात जो आपने कही, वो गलत है। आप कहां से किससे मिलकर आए हैं? मुझे गर्व है कि पीएम मोदी जी के नेतृत्व में हम जो करते हैं, वो कहते भी हैं। इंडस्ट्री के सारे सेक्टर भर गए हैं। पीएम ने अपना जन्मदिन भी आपके क्षेत्र में मनाया, इस बात की प्रसन्नता होनी चाहिए। विश्व का सबसे बड़ा नेता आज हमारे बीच जन्मदिन मनाते हैं। कांग्रेस की कुल नीति के कारण 1947 में देश आजाद हुआ, लेकिन उससे पहले इंदौर, उज्जैन, रतलाम जैसी कॉटन इंडस्ट्री थी। आपकी सरकारों की गलत नीतियों से इंडस्ट्री बंद हुई, बेच दी गई, कॉटन बर्बाद हुआ, किसान बर्बाद हुआ। आपको दया नहीं आई। नेता प्रतिपक्ष जी, आप भी चलिए, हम भी चलते हैं और दिखाते हैं कि मध्य प्रदेश में कैसा संगम हो रहा है। उद्योग इतनी तेजी से विकसित हो रहा है कि हमें नए-नए प्लान लाने पड़ रहे हैं, आबंटित जमीन कम पड़ रही है।

सीएम मोहन ने कहा कि मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है। सच्चाई का रकबा बढ़ाने की बात आ रही है। आंकड़े देखिए – 1956 में मध्य प्रदेश बना, लेकिन कई बार आपकी सरकारें बनीं, फिर भी सिंचाई का रकबा नहीं बढ़ा। हमारी सरकार बनी तो 44 लाख हेक्टेयर रकबा हमारा है। जो 56 सालों में नहीं किया, वो हमने एक साल में कर दिया। हम 100 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई रकबा ले जाने वाले हैं – यह हमारा विजन और संकल्प है।

जब सिंचाई बढ़ेगी, किसान समृद्ध होगा, तो प्रदेश बढ़ेगा। आज पांच बड़े राज्यों में मध्य प्रदेश का स्थान है। हमने पंजाब, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक को भी पीछे छोड़ा है। बालाघाट, डिंडोरी, मंडला – कांग्रेस की कुनीतियों से नक्सल प्रभावित हुए। कांग्रेस सरकार में मंत्री की हत्या हुई, कुल्हाड़ी से कट-कट कर हत्या की गई। हमने नक्सलवाद मिटा दिया – बड़ी संख्या में समर्पण और एनकाउंटर हुए। हमारी सरकार 56 इंच का सीना रखती है।

आज 40 मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं। गेहूं के बोनस पर – कांग्रेस ने 55 साल में 400 रुपये बढ़ाए, हमारी सरकार ने 2600 रुपये से ज्यादा MSP दिया। सोयाबीन में भावांतर से फायदा हुआ। हम जो कहते हैं, करते हैं। अर्थव्यवस्था: कांग्रेस में प्रति व्यक्ति आय 10 हजार थी, आज 1 लाख 69 हजार हो गई। हमने रोलिंग बजट दिया, तीन साल की कार्ययोजना। बजट का आकार बढ़ाया, सभी सेक्टर को समान बजट। 20 साल में कोई नया टैक्स नहीं लगाया। प्रति व्यक्ति आय लगातार बढ़ रही है। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर से किसान, युवा, मछली, दूध, फल-फूल – सबका समग्र प्लान। प्रदेश की अर्थव्यवस्था 250 लाख करोड़ तक पहुंचने की संभावना। पिछला बजट 4.02 लाख करोड़ का था, हमने राजस्व संग्रह से मजबूत किया। कर्ज सिर्फ मेरे माथे पर नहीं, आपके भी आएगा। आपके शासन में बीमारू राज्य था, अब सम्मान से देखा जाता है। 30% निवेश प्रदेश में उतरा। 23 लाख से अधिक MSME इकाइयां काम कर रही हैं।”

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