मनेंद्र पटेल, दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के सरकारी स्कूल में एक बार फिर तंत्र–मंत्र का मामला सामने आया है। अज्ञात तत्वों ने स्कूल में तंत्र– मंत्र कर तोड़फोड़ को अंजाम देने के साथ ही पंखा चोरी कर लिया और फर्नीचर में आग लगा दी। इस घटना के बाद बच्चों और शिक्षकों में दहशत का माहौल है। मामले की शिकायत पुलिस से की गई है। मामला पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र का है।
दुर्ग के केलाबाड़ी सरकारी स्कूल में एक तरफ विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा की तैयारी चल रही है, वहीं दूसरी तरफ स्कूल के एक कक्षा के टेबल-कुर्सी में तोड़फोड़, आग लगाने और पंखा चोरी करने के साथ ही दरवाजे में अश्लील गालियां लिख दी गई है। कक्षा के दरवाजे के सामने तांत्रिक क्रिया कर बच्चों और शिक्षकों को भयभीत करने का भी प्रयास किया गया है। क्लासरूम के बाहर चुनरी, माला और गोबर मिट्टी से तंत्र–मंत्र जैसे निशान बने मिले। कक्षा के अंदर और बाहर सिंदूर का छिड़काव भी किया गया था। क्लास रूम में लगे पंखे को भी तोड़ दिया गया है।


भीड़भाड़ इलाके में है स्कूल, 130 बच्चे करते हैं पढ़ाई
दुर्ग शहर के भीड़भाड़ इलाके के बीच स्थित केलाबाड़ी स्कूल में पहले से आठवीं तक की कक्षा संचालित है, जहां 130 बच्चे पढ़ते हैं। भीड़ वाले क्षेत्र में स्थित स्कूल में इस तरह की घटना होने के बाद स्कूल की प्रधान पाठिका शमा बेगम ने जिला शिक्षा अधिकारी को मामले की जानकारी देने के साथ ही पद्मनाभपुर पुलिस से भी शिकायत की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात चोरों की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही शिक्षा विभाग की तरफ से भी मामले की जांच की जा रही है।
एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
केलाबाड़ी के इस स्कूल में तांत्रिक क्रिया कर स्कूल में पहले अध्यापन का माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने के साथ ही अलग–अलग कक्षाओं में तोड़फोड़ कर टेबल-बैंच जलाकर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया है। स्कूल प्रबंधन की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले में चोरी का अपराध पंजीबद्ध कर अज्ञात आरोपियों को तलाशने का काम शुरू कर दिया है।
एक और स्कूल में हो चुकी है इस तरह की घटना
यह पहली बार नहीं है जब दुर्ग के सरकारी स्कूल में, तंत्र-मंत्र किया गया हो। इससे पहले कुछ माह पूर्व ही बोरसी के सरकारी स्कूल में तंत्र-मंत्र जैसी क्रिया की गई थी, जिसमें एक कोयल की बलि देकर तंत्र मंत्र में उपयोग की जाने वाली आकृति बनाई गई थी। स्कूल में भय का वातावरण बनाने का प्रयास किया गया था और अब केलाबाड़ी के इस स्कूल में भी कुछ इसी तरह का प्रयास किया गया है। अब सवाल यह उठता है को यह कौन लोग है, जो इस तरह की क्रियाकलाप कर बेवजह स्कूल का माहौल बिगाड़ने का कार्य किया जा रहा है।
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