पटना। बिहार में फरवरी के महीने में ही मौसम के तेवर तल्ख होने लगे हैं। राज्य में इस वक्त मौसम का एक अजीब विरोधाभास देखने को मिल रहा है-जहां दोपहर की चिलचिलाती धूप लोगों के पसीने छुड़ा रही है, वहीं सूरज ढलते ही हल्की सिहरन महसूस हो रही है। हालात ऐसे हैं कि घरों में दिन में पंखे चल रहे हैं और रात को लोग कंबल ओढ़ने पर मजबूर हैं।

​मोतिहारी रहा सबसे गर्म

​राज्य के कई जिलों में अधिकतम तापमान ने 30°C का आंकड़ा पार कर लिया है। बीते 19 फरवरी को मोतिहारी 32.5°C के साथ राज्य का सबसे गर्म शहर रहा। इसके उलट, किशनगंज में न्यूनतम तापमान 10.9°C दर्ज किया गया। यानी राज्य के भीतर ही दिन और रात के पारे में लगभग 21.6°C का भारी अंतर देखा जा रहा है। राजधानी पटना में भी अधिकतम तापमान 29.2°C और न्यूनतम 16°C रिकॉर्ड हुआ, जो बदलते मौसम की गवाही दे रहा है।

​क्यों हो रहा है ऐसा?

​मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह ‘प्री-समर ट्रांजिशन फेज’ है। इस दौरान सर्दी तेजी से विदा होती है और गर्मी दस्तक देना शुरू करती है। जलवायु परिवर्तन के कारण अब ऐसे उतार-चढ़ाव सामान्य होते जा रहे हैं। वर्तमान में बिहार के दक्षिण और मध्य हिस्सों में दिन के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, लेकिन रात की कनकनी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

​मार्च में बढ़ेगी तपिश

​मौसम विभाग का अनुमान है कि मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी का असर और तेज हो जाएगा। अगर तापमान इसी रफ्तार से बढ़ता रहा, तो इस साल सामान्य से पहले ही भीषण गर्मी पड़ने की पूरी संभावना है। फिलहाल, दिन-रात के तापमान में आ रहा यह बड़ा अंतर लोगों की सेहत के लिए भी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।