पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के 14वें दिन सदन की कार्यवाही दो हिस्सों में विभाजित है। पहले हाफ में प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के तीखे तेवरों के कारण हंगामे के आसार हैं, जबकि दूसरे हाफ में महत्वपूर्ण वित्तीय कार्यों को निपटाया जाएगा। इससे पूर्व, विधायक निधि में वृद्धि के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच दुर्लभ एकजुटता देखने को मिली।
शिक्षा बजट
नीतीश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए 68,217 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह कुल बजट का 19.63% है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सदन में जानकारी दी कि अब शिक्षा विभाग को पुनः दो भागों में बांटा गया है। साथ ही, हर प्रखंड में एक मॉडल स्कूल की स्थापना के लिए 800 करोड़ और पुराने संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
बिहार की ‘साइकिल योजना’ का वैश्विक डंका
शिक्षा मंत्री ने गर्व के साथ बताया कि बिहार की मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना अब विदेशों में भी रोल मॉडल बन गई है। जाम्बिया और माली जैसे देशों ने इस योजना को अपने यहाँ लागू किया है। यह कदम यूएसए की नॉर्थ ईस्टर्न यूनिवर्सिटी के शोध के बाद उठाया गया, जिसमें इस योजना के सकारात्मक प्रभावों की पुष्टि हुई थी।
विपक्ष के तेवर और अन्य मांगें
सदन में चर्चा के दौरान राजद विधायक प्रो. चंद्रशेखर ने कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या पर सरकार को घेरा, हालांकि उनकी कुछ टिप्पणियों को स्पीकर ने कार्यवाही से हटा दिया। वहीं, AIMIM विधायक अख्तरुल ईमान ने ईद पर दो दिनों की छुट्टी की मांग रखी। दूसरी ओर, सरकार ने 2.60 लाख शिक्षकों की सीधी नियुक्ति और समय पर वेतन भुगतान को अपनी बड़ी उपलब्धि बताया।
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