कुंदन कुमार/पटना। बिहार की न्यायिक प्रणाली में तकनीक और पारदर्शिता के मेल से एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू ने अत्याधुनिक ई-फाइलिंग सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया। यह कदम न केवल न्यायपालिका के आधुनिकीकरण का प्रतीक है, बल्कि ‘पेपरलेस कोर्ट’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ी छलांग है।

​तकनीक से सुलभ होता न्याय

​इस ऐतिहासिक अवसर पर न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद सहित कई गणमान्य न्यायाधीश और बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। नया ई-फाइलिंग सेंटर डिजिटल युग की सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस है। अब अधिवक्ताओं को लंबी कतारों और दस्तावेज़ी देरी से मुक्ति मिलेगी, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में अभूतपूर्व तेज़ी आएगी।

​दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना

​न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद और एडवोकेट जनरल पी.के. शाही ने मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू के विजन की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में बिहार की न्यायिक व्यवस्था नई बुलंदियों को छू रही है। मुख्य न्यायाधीश ने स्वयं ई-फाइलिंग काउंटरों का निरीक्षण कर व्यवस्था की बारीकियों को परखा, जो उनकी ज़मीनी सक्रियता और समर्पण को दर्शाता है।

​भविष्य की सुदृढ़ नींव

​यह पहल सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि पारदर्शिता और दक्षता का नया मानक है। नेतृत्व की दूरदर्शिता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार की न्याय व्यवस्था अब तकनीक के साथ कदमताल करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह ई-फाइलिंग सेंटर भविष्य के आधुनिक न्यायालयों की एक मजबूत आधारशिला सिद्ध होगा।