कुंदन कुमार, पटना। बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने कई मुद्दों पर खुलकर बयान दिया है। आज शुक्रवार (20 फरवरी) को विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत में उन्होंने साइबर क्राइम, जातीय समीकरण और जातिगत व्यवस्था पर भी विपक्ष को घेरने की जबरदस्त कोशिश की। चौधरी ने कहा कि, जब 15 साल तक लालू जी रहे तो अतिपिछड़ों और पिछड़ों के लिए कोई पॉलिसी नहीं बना।
अशोक चौधरी ने कहा कि, अब जब नीतीश कुमार ने पॉलिसी को बनाया और आरक्षण का प्रावधान किया पंचायती राज में आरक्षण दिया और कर्पूरी ठाकुर के विचारों को आगे लेकर गए घूम रहे हैं, तो इनलोगों को दिक्कत हो रही है। उस वक्त कहां थे तेजस्वी यादव, जब नीतीश कुमार जातीय जनगणना की बात कर रहे थे। जब तेजस्वी यादव नीतीश कुमार के साथ आए तो उनके पॉलिसीज के फॉलोअर बन गए और अब उनको तकलीफ़ हो रही है।
वहीं, जब उनसे यह सवाल किया गया कि तेजस्वी यादव आज बहुत दिनों के बाद सदन में आए हैं। इस पर अशोक चौधरी ने कहा कि, खिलाड़ी हैं…खेलते रहते हैं। इसलिए उनके पैर में चोट लग गई है। इसलिए वह नहीं आते सदन में।
साथ ही एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि, आउट सोर्सिंग के मामलों को भी गंभीरता से लिया गया है। इस पर जांच चलेगी और कोशिश होगी कि अधिक से अधिक लाभ मिले और ज्यादा से ज्यादा पैसा जो, बेनिफिशियरी है उनको मिलनी चाहिए।
यूजीसी से जुड़े मामले पर उन्होंने कहा कि, मैं समझता हूं कि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है। सुप्रीम कोर्ट ने उसपर रोक लगाया है। अभी सुनवाई होनी है, सुनवाई के बाद देखते हैं क्या होता है। साथ ही उन्होंने कहा कि, विश्वविद्यालयों में डिस्क्रिमिनेशन (भेदभाव) होता है। चौधरी ने कहा कि, यदि कोई प्रोफेसर बैकवर्ड है तो उसे एक क्लास सुबह 10 बजे और दूसरी शाम 5 बजे की मिलती है। जबकि वह उस जाती है का है जिस जाती के हेड (एचओडी) हैं तो उसे साथ में 2-2 क्लास मिलते हैं।
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