Dhundiraj Chaturthi 2026 : पंचांग अनुसार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को ढुण्ढिराज चतुर्थी मनाई जाती है. मत्स्य पुराण में इसे मनोरथ चतुर्थी भी कहते हैं. इस दिन भगवान गणेश की भक्ति भाव से पूजा करने से जीवन में आ रही सभी बढ़ाएं दूर होती है. मान्यता है इस दिन भगवान गणेश की पूजा, अर्चना करने से सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं. वहीं सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. ढुण्ढिराज चतुर्थी 21 फरवरी को मनाई जाएगी. वहीं इस दिन शुभ, शुक्ल और रवि योग बन रहा है. जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है.

ढुण्ढिराज चतुर्थी और शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 5:13 मिनट से 6:04 मिनट तक
- विजय मुहूर्त – दोपहर 2:28 मिनट से 3:14 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त – शाम 6:13 मिनट से 6:38 मिनट तक
- निशिता मुहूर्त – रात 12:09 मिनट से 1 बजे तक
ढुण्डिराज चतुर्थी का महत्व, पूजा विधि
ढुण्ढिराज चतुर्थी पर गणेश जी की आराधना का विशेष महत्व है. इस दिन गणपति को लाल फूल, दूर्वा, मोदक और सिंदूर चढ़ाकर विधिवत पूजा करें. साथ ही मंत्र का जाप या स्त्रोत का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है. इस व्रत से बुद्धि, समृद्धि और सफलता की प्राप्ति होती है. इसके अलावा जीवन से बाधाओं को दूर कर सफलता हासिल करने के लिए भी ढुण्ढिराज चतुर्थी बेहद लाभकारी होती है.
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