​पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित मैट्रिक परीक्षा शनिवार को अपने पांचवें दिन में प्रवेश कर चुकी है। आज राज्यभर के केंद्रों पर दोनों पालियों में विज्ञान विषय की परीक्षा ली जा रही है। प्रशासन ने नकल विहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। अकेले पटना जिले में 71 हजार परीक्षार्थियों के लिए 70 केंद्र बनाए गए हैं।

​परीक्षार्थियों का गणित और समय सीमा

​इस वर्ष कुल 15.12 लाख परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं, जिनमें छात्राओं की संख्या छात्रों की तुलना में अधिक है। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से शुरू होती है, जिसके लिए प्रवेश की अनुमति केवल 9:00 बजे तक ही है। वहीं, दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शुरू होती है, जिसमें 1:30 बजे तक एंट्री दी जाती है। बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि परीक्षार्थी केंद्र पर एक घंटा पहले पहुंचें।

22 छात्र निष्कासित

​बोर्ड की सख्ती का असर धरातल पर दिख रहा है। शुरुआती चार दिनों में अनुचित साधनों का उपयोग करने के आरोप में कुल 22 परीक्षार्थियों को निष्कासित किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, पहले दिन 5, दूसरे दिन 6, तीसरे दिन 5 और चौथे दिन 6 छात्र बाहर किए गए। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई जारी रहेगी।

​जूता-मोजा पर पाबंदी और सघन जांच

​परीक्षा केंद्रों पर पारदर्शी जांच के लिए बोर्ड ने परीक्षार्थियों के जूता और मोजा पहनकर आने पर रोक लगा दी है। चप्पल पहनकर आने वाले छात्रों को ही सुचारू रूप से प्रवेश दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य चेकिंग प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाना है।