दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने शुक्रवार को अपने एक साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने कहा कि यह साल केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाले परिणामों वाला रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में राजधानी की दशा में और सुधार आएगा। सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए कई योजनाओं को लागू किया। पहली कैबिनेट बैठक में ही यह योजना लागू की गई, जिसके तहत 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जा रहा है। राजधानी में अब 71 अटल कैंटीनें चल रही हैं, जहाँ रोजाना लगभग 70 हजार लोगों को मात्र 5 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार की नीतियाँ जमीन पर असर दिखाने वाली और सीधे लाभार्थियों तक पहुँचने वाली रही हैं, और आने वाले समय में इन पहलुओं को और मजबूत किया जाएगा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि झुग्गी बस्तियों का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस योजना को साकार करने के लिए 700 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है और काम पहले ही शुरू कर दिया गया है। पहले से बने लेकिन खाली पड़े फ्लैटों की मरम्मत और सुधार का कार्य तेजी से चल रहा है। सावदा घेवरा, भलस्वा, द्वारका और सुल्तानपुरी सहित कई इलाकों में करीब 13,000 फ्लैट तैयार किए जा रहे हैं। पहले चरण में इन फ्लैटों को झुग्गीवासियों को आवंटित किया जाएगा, ताकि उन्हें बेहतर आवास सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य झुग्गीवासियों को सुरक्षित और मानक सुविधाओं वाला आवास प्रदान करना है, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार आए।
मजदूरों को 22,411 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनके एक साल के कार्यकाल में राजधानी में कई क्षेत्रों में ठोस काम हुए हैं। दिल्ली में देश का सबसे अधिक न्यूनतम वेतन लागू किया गया है। मजदूरों को 22,411 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है। कामकाजी महिलाओं की सुविधा के लिए 500 पालना केंद्र खोले गए। SC/ST बस्तियों के विकास के लिए 85 करोड़ रुपये की 146 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। पिछले 1 साल में 13 किलोमीटर ट्रांसमिशन पाइपलाइन बदली गई। 172 किलोमीटर नई या बदली हुई पानी की पाइपलाइनें डाली गईं। 37 किलोमीटर नई पाइपलाइन का काम आवंटित किया गया। 833 किलोमीटर सेकेंडरी और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों पर विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में कार्य शुरू हुआ। सीवर व्यवस्था में 180 किलोमीटर नई लाइन बिछाई गई, 110 किलोमीटर पुरानी लाइन बदली गई, और 144 किलोमीटर नई सीवर लाइन के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) का काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह साल केवल योजनाओं की घोषणाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धरातल पर बदलाव और सुधार का भी रहा है।
नए WTP बनाने की योजना
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनके एक साल के कार्यकाल में राजधानी में स्वास्थ्य, जल आपूर्ति और जनता कल्याण के कई ठोस कदम उठाए गए हैं। छतरपुर, इरादत नगर और नजफगढ़ में तीन नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) बनाने की योजना शुरू कर दी गई है। जल बोर्ड की वाटर एमनेस्टी स्कीम के तहत 3.52 लाख उपभोक्ताओं ने अपने बिल निपटाए, जिससे 484 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। इस स्कीम के तहत करीब 1400 करोड़ रुपये की पेनल्टी, सरचार्ज और ब्याज माफ कर जनता को राहत दी गई। केवल 365 दिनों में 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू किए गए। लगभग 80 तरह की बीमारियों का इलाज इन मंदिरों में उपलब्ध है। प्रमुख अस्पतालों में विकास कार्य:
श्री गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल – आईपीडी ब्लॉक
संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल – ट्रॉमा सेंटर
आचार्य श्री भिक्षु अस्पताल – आईपीडी ब्लॉक
भगवान महावीर अस्पताल – OPD ब्लॉक
दादा देव मातृ एवं शिशु चिकित्सालय – जच्चा-बच्चा ब्लॉक
अस्पतालों में आधुनिक मशीनें लगाने का बड़ा अभियान चलाया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन पहलों का उद्देश्य जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और स्वच्छ जल उपलब्ध कराना है, जिससे दिल्ली में जीवन स्तर में सुधार हो।
मेडिकल जेनेटिक्स वार्ड और NAT लैब
अत्याधुनिक CT स्कैनर, न्यूरो ICU, इंटीग्रेटेड ओटी और न्यूरो कैथ लैब स्थापित। 150 नई डायलिसिस मशीनें लगाई गईं। 53 नई एम्बुलेंस चौबीसों घंटे सेवा में शुरू। 6 मोबाइल डेंटल वैन शुरू की गईं। मेडिकल जेनेटिक्स वार्ड और एनएटी लैब शुरू की गई। हेल्थ इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (HIMS) लागू कर मरीजों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया गया। दिल्ली और केंद्र सरकार के अस्पतालों को HIMS के माध्यम से जोड़ा गया। ऑनलाइन OPD अपॉइंटमेंट की सुविधा शुरू की गई। बड़ी संख्या में आभा ID बनाकर मरीजों को सिस्टम से जोड़ा गया। आयुष सोसायटी का गठन किया गया। अंगदान को बढ़ावा देने के लिए स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (SOTO) पहल शुरू की गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, पारदर्शी और लाभार्थियों के लिए अधिक सुलभ बनाना है।
स्वास्थ्य विभाग में 4,000 नए पद
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की कमी को दूर करने के लिए 4,000 नए पद स्वीकृत किए गए। 1,300 नर्सिंग स्टाफ को नियुक्ति पत्र दिए गए। नर्सिंग इंटर्न का भत्ता 500 रुपये से बढ़ाकर 13,000 रुपये से अधिक किया गया।फीस रेगुलेशन एक्ट लागू कर निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाई गई। एक साल में 7,000 से अधिक स्मार्ट क्लासरूम तैयार किए गए। 75 सीएम श्री स्कूलों को स्मार्ट बोर्ड, डिजिटल लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। नए पाठ्यक्रम: नींव, साइंस ऑफ लिविंग और राष्ट्रनीति शुरू किए गए।
खेल और खिलाड़ियों के लिए प्रोत्साहन: दिल्ली खेल महाकुंभ का आयोजन किया गया, जिसमें 25,000 से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया। मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के तहत अब तक की सबसे बड़ी प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया। ओलंपिक और पैरालंपिक पदक विजेताओं: स्वर्ण – 7 करोड़, रजत – 5 करोड़, कांस्य – 3 करोड़ रुपये राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों: 20 लाख रुपये स्कूल स्तर के प्रशिक्षण खिलाड़ियों: 5 लाख रुपये
नरेला में एजुकेशन सिटी विकसित करने का काम शुरू
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नरेला में एजुकेशन सिटी: 1,360 करोड़ रुपये की लागत से विकसित करने का काम शुरू किया गया है। उद्देश्य है दिल्ली को विश्वस्तरीय शैक्षिक सुविधाओं से सुसज्जित करना। 1,400 किलोमीटर सड़कों में से पहले वर्ष में 550 किलोमीटर वॉल-टू-वॉल कारपेटिंग का फैसला लिया गया। 150 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। 600 किलोमीटर सड़कों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई। डी-सिल्टिंग का काम शुरू किया गया। बारापुला फ्लाईओवर को जून तक पूरा करने का लक्ष्य। मुकरबा चौक अंडरपास मार्च तक पूरा करने की तैयारी। मोदी मिल और सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर का काम जल्द शुरू होगा। दिल्ली करीब 50 साल पुराने ड्रेनेज मास्टर प्लान पर चल रही थी। अब लगभग 56,000 करोड़ रुपये की लागत से नया ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार कर काम शुरू किया गया है।
यमुना की सफाई, कूड़े के पहाड़ पर उठाए गए ऐतिहासिक कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को यमुना बेहद खराब हालत में मिली थी। दिल्ली के 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) खराब स्थिति में थे और मानकों पर खरे नहीं उतर रहे थे। अब तक 28 STP अपग्रेड किए जा चुके हैं और 9 STP पर काम जारी है। यमुना में गिरने वाले नालों को टैप करने के लिए ड्रोन सर्वे कराया गया। 2,400 करोड़ रुपये की लागत से 35 नए विकेंद्रीकृत STP लगाने की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 7,200 करोड़ रुपये की योजना के तहत और 12 नए STP बनाए जाएंगे। कुल सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता को बढ़ाकर 814 MGD (मिलियन गैलन प्रति दिन) किया गया।
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