दुर्ग। छत्तीसगढ़ सरकार ने नगरीय निकायों में महिला जनप्रतिनिधियों की जगह उनके पति, पिता या अन्य रिश्तेदारों की दखल पर सख्त रोक लगा दी है। शासन ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचित पार्षद, महापौर या अध्यक्ष की जगह कोई परिजन बैठकों में भाग नहीं ले सकेगा और न ही प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप कर पाएगा।

सरकार ने सभी नगर निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसी प्रॉक्सी व्यवस्था तत्काल बंद कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। शासन ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून के तहत केवल सांसद और विधायक ही प्रतिनिधि नामांकित कर सकते हैं, लेकिन इस प्रावधान का उपयोग महिला जनप्रतिनिधियों के स्थान पर रिश्तेदारों को बैठाने के लिए नहीं किया जा सकता।

इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लेते हुए इसे संविधान में प्रदत्त समानता और महिलाओं के अधिकारों के विरुद्ध बताया है। आयोग के अनुसार, इस तरह की प्रॉक्सी नियुक्तियां कानूनन दंडनीय हो सकती हैं।

ऑडिट के नाम पर 15 हजार की मांग, प्रभारी प्रधान पाठक निलंबित

दुर्ग। सेजेस शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला फरीद नगर के प्रभारी प्रधान पाठक विनोद यादव को गंभीर अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। उन पर शिक्षिका रंजना ठाकुर से 3000 रुपये लेने और ऑडिट के नाम पर 10 से 15 हजार रुपये मांगने का आरोप था।

जांच में राशि लेने, मानसिक प्रताड़ना और शैक्षणिक लापरवाही की पुष्टि हुई। नए प्राचार्य को समय पर प्रभार व अभिलेख न सौंपना भी गंभीर माना गया। इसके बाद विभाग ने तत्काल निलंबन की कार्रवाई की।

14 साल बाद दुर्ग में बनेंगे सिविल डिफेंस वार्डन

दुर्ग। गृह मंत्रालय के ‘ऑपरेशन अभ्यास’ के दूसरे चरण में देश के 33 राज्यों के 244 संवेदनशील जिलों में सिविल डिफेंस वार्डन तैयार किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ में केवल दुर्ग जिले को संवेदनशील श्रेणी में शामिल किया गया है, जिसका मुख्य कारण भिलाई स्टील प्लांट की मौजूदगी है।

राज्य में 2 मास्टर ट्रेनर और 360 सिविल डिफेंस वार्डन तैयार किए जाएंगे। देशभर में कुल 87,840 वार्डन बनाए जाने हैं। चयन आम नागरिकों में से किया जाएगा। मास्टर ट्रेनरों को अग्निशमन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो आगे वॉलंटियर को प्रशिक्षित करेंगे।

जिला अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र सिंह ने बताया कि योजना का उद्देश्य आपदा और आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाना है। चयन के लिए आयु 18 से 50 वर्ष, संबंधित जिले का निवासी और कम से कम 10वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। योजना 31 मार्च 2026 तक पूरी की जाएगी।

अवकाश के दिनों में भी होगी राजस्व वसूली

राजनांदगांव। राजस्व कर की वसूली बढ़ाने के उद्देश्य से नगर निगम ने अवकाश के दिनों में भी राजस्व विभाग का कार्यालय खुला रखने का निर्णय लिया है। निगम सीमांतर्गत संपत्तिकर, समेकित कर, जलकर एवं दुकान किराया की वसूली के लिए यह व्यवस्था की गई है।

करदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए होली को छोड़कर सभी अवकाश के दिनों में राजस्व कार्यालय खुला रहेगा, ताकि नागरिक अपनी कर राशि जमा कर सकें।

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