झारखंड के गिरिडीह जिले से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. यहां झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) से जुड़े नेता और गिरिडीह जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष राकेश महतो की बेरहमी से हत्या कर दी गई. हत्या के बाद अज्ञात अपराधियों ने उनकी पहचान छिपाने के लिए शव को जलाने की भी कोशिश की. राकेश महतो का अधजला शव गिरिडीह के घुटवाली के पास स्थित जंगल से संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया. घटना की खबर पूरे इलाके में तेजी से फैल गई, जिससे दहशत का माहौल बन गया. सूचना मिलते ही निमियाघाट थाना पुलिस समेत गिरिडीह जिले के कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी.

झारखंड के गिरिडीह में झामुमो नेता राकेश महतो की हत्या कर शव जलाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. निमियाघाट थाना क्षेत्र के जंगल से उनका अधजला शव बरामद हुआ. पुलिस के अनुसार उन्हें देर रात फोन कर बुलाया गया था.

पुलिस को मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक हत्या से पहले राकेश महतो के साथ मारपीट की गई थी. इसके बाद उनकी हत्या कर शव को जलाने का प्रयास किया गया, ताकि साक्ष्य मिटाए जा सकें. इस वारदात के बाद मृतक के समर्थकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन भी किया. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है.

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार देर रात किसी व्यक्ति ने उन्हें फोन कर घर से बुलाया था, जिसके बाद वे वापस नहीं लौटे. सुबह जंगल की ओर गए ग्रामीणों ने उनका अधजला शव देखा और पुलिस को सूचना दी.

विधानसभा के बजट सत्र में भाग लेने पहुंचे राज्य के नगर विकास, पर्यटन, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि राकेश महतो सामाजिक और राजनीतिक रूप से सक्रिय कार्यकर्ता थे और पार्टी के मजबूत स्तंभों में शामिल थे. मंत्री ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट है कि रात करीब 12 बजे तक राकेश महतो का मोबाइल फोन चालू था. ऐसे में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि आखिरी बार उन्हें किसने फोन कर बुलाया था. उन्होंने भरोसा दिलाया कि घटना में शामिल अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा.

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m