प्रमोद कुमार/कैमूर (भभुआ)। बिहार के कैमूर जिले से ममता और मजबूरी की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो नशे के विनाशकारी प्रभाव को बयां करती है। एक मां, जिसने महज 20 दिन पहले नशे के कारण अपने छोटे बेटे को खो दिया, अब अपने बड़े बेटे की जिंदगी बचाने के लिए पुलिस से गुहार लगा रही है। मामला भभुआ थाने के बहुअवन गांव का है।

​नशे ने ली छोटे बेटे की जान

​पीड़ित मां शिवरती देवी ने बताया कि उनका छोटा बेटा अनिल राम नशे (शराब और हेरोइन) का इस कदर आदी हो चुका था कि बीते 1 फरवरी को उसकी मौत हो गई। अभी घर से छोटे बेटे का कफन भी नहीं हटा था कि बड़ा बेटा भी उसी राह पर निकल पड़ा। उसे बचाने के लिए मां और बहन जब थाने पहुंची, तो नशेड़ी बेटे ने विरोध करते हुए कोर्ट परिसर में ही उनकी पिटाई कर दी और अपनी पत्नी के साथ मिलकर मां-बहन पर ही झूठा केस करने महिला थाने पहुंच गया।

​जेल जाने से डर नहीं

​रोती हुई मां ने कहा, मेरे दो तारे थे, एक बुझ गया। अब दूसरे को खोने से डरती हूं। बेटा मुझे पीटता है, झूठे केस की धमकी देता है, पर मुझे जेल जाने का डर नहीं है, बस मेरा बेटा सुधर जाए। मां का यह साहस शराबबंदी वाले राज्य में नशे के अवैध कारोबार और उससे टूटते परिवारों की चीख है।

​एसपी की पहल

​मामले की गंभीरता को देखते हुए कैमूर एसपी हरी मोहन शुक्ल ने कहा कि महिला के आवेदन पर संज्ञान लिया गया है। युवक को नशा मुक्ति केंद्र भेजकर उसकी लत छुड़वाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि नशेड़ियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें, अन्यथा पकड़े जाने पर सीधे जेल की हवा खानी होगी। फिलहाल पुलिस बहुवन सहित कई गांवों में जागरूकता अभियान चला रही है, ताकि युवाओं को इस दलदल से निकाला जा सके।