समस्तीपुर। कल्याणपुर के अकबरपुर निवासी रिटायर इंजीनियर अरुण देव सिंह और उनकी पत्नी सुमन सिंह ने राज्य महिला आयोग के सामने अपनी आपबीती सुनाई। सुमन के पिता अशोक सिंह वायु सेना में थे और माता कुसुम कुमारी शिक्षिका थीं। भाई न होने के कारण पाटीदारों की नजर उनकी करोड़ों की जमीन पर थी। संपत्ति हड़पने के लिए 1993 में उनकी मां की हत्या कर दी गई, जिसके सदमे में पिता भी चल बसे। खूनी खेल यहीं नहीं रुका, 2005 में उनकी छोटी बहन सीमा को जिंदा जला दिया गया, जबकि दूसरी बहन की मौत सदमे से हो गई।
साजिश के तहत बनाया अपाहिज
अरुण देव सिंह ने बताया कि 2006 में रिटायरमेंट के बाद जब वे अपनी पत्नी के साथ पैतृक संपत्ति बचाने गांव आए, तो पाटीदारों ने उन पर 10 झूठे SC/ST केस दर्ज करवा दिए। हद तो तब हो गई जब पिछले साल 7 मार्च को कोर्ट जाते समय उन पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें यह बुजुर्ग दंपती गंभीर रूप से घायल होकर अपाहिज हो गया।
पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप
पीड़ित ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस और इंस्पेक्टर ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भी गुमराह किया है। 26 जनवरी को तिरंगे के अपमान की शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब PMO ने रिपोर्ट मांगी, तो इंस्पेक्टर ने घर आए बिना ही फर्जी रिपोर्ट भेज दी कि वे घर पर थे, जबकि उस वक्त वे अस्पताल में भर्ती थे।
महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट
महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए समस्तीपुर एसपी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने दंपती को न्याय का भरोसा दिलाते हुए 20 अप्रैल को पटना बुलाया है।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें


