राजनांदगांव। डोंगरगढ़-राजनांदगांव में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने वर्ष 2012 में मकानों का निर्माण किया था, लेकिन अभी भी सैकड़ों मकानों की बिक्री नहीं हुई है. इससे बोर्ड की करीब ढाई करोड़ से अधिक की संपत्ति जाम हो गई हैं.
यह भी पढ़ें : पॉवर सेंटर: टूटती गरिमा… कलेक्टरों की भूमिका… मेंटरशिप… दृष्टांत… हल्ला… शैडो… – आशीष तिवारी
लगातार मकानों के आबंटन की प्रक्रिया किए जाने का प्रयास भी किया गया है लेकिन इसके बाद भी ग्राहको के सामने नहीं आने के चलते बोर्ड द्वारा यह प्रयास किया जा रहा है कि कम कम मकानों की लागत मूल्य निकल जाए. यही कारण है कि करीब दस के साथ मकानों का आबंटन फीसदी छूट किया जा रहा है. यह फायदा ग्राहकों को आगामी दिसंबर माह तक दिया जाएगा.

यहां बनाए गए इतने मकान
शहर के कौरिनभांठा वार्ड 45 में चार एलआईजी मकान प्लैट के हैं, जिसकी कीमत करीब दस लाख है. इसी तरह डोंगरगढ़ के चौथना में अटल आवास 28 हैं, जिसकी कीमत ढाई लाख रूपए है. वही डोंगरगढ़ के मोहारा में 53 मकान, जिसकी कीमत एक लाख 47 हजार हैं. वही राजनांदगांव शहर से लेकर पेंड्री वार्ड में तीन अटल आवास है, जिसकी कीमत करीब चार लाख 71 हजार रूपए है. इसके आलावा यहां अटल विहार के तहत चार एलआईजी है, जिसकी कीमत चालीस लाख रूपए है. वहीं 19 ईडब्ल्यूएस प्लैट, जिसकी कीमत पांच लाख, एक जूनियर एमआईजी स्वतंत्र मकान, जिसकी कीमत 32 लाख है.
कौरिनभांठा और रेवाडीह में बनेंगे फ्लैट
जानकारी अनुसार हाउसिंग बोर्ड द्वारा कौरिनभांठा और रेवाडीह में फ्लैट सिस्टम बनाए जाने की तैयारी है. कौरिनभांठा वार्ड में 125 मकान और रेवाडीह में भी सौ से अधिक मकान बनाए जाने की तैयारी है. अफसरों ने बताया कि इसके लिए बुकिंग शुरू हो गई है. सवाल यह उठता है कि हाउसिंग बोर्ड पहले ही करीब ढ़ाई करोड़ का मा नही बेच पाई है. वहीं 114 मकान अभी भी जाम हो गए है.
आरटीई का पोर्टल खुला, नहीं दिख रहा स्कूलों का नाम व सीट
राजनांदगांव। आरटीई के तहत 16 फरवरी से आवेदन किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन शुरूआती दौर में ही पोर्टल में खामी आने से परिजन परेशान हो गए हैं. पोर्टल खुलने के बाद स्कूलों के नाम और सीट नहीं दिख रहे हैं. जिसके चलते आवेदन की प्रक्रिया नहीं हो पा रही है. हालांकि विभाग का कहना है कि अभी अपडेट कार्य पूरा नहीं होने के कारण ऐसी दिक्कते आ रही है.
निशुल्क शिक्षा के अधिकार के तहत परिजनों में उत्साह दिख रहा है. लेकिन पोर्टल की खामी ने परिजनों की नींद उड़ा दी है. शिक्षा विभाग के अफसरों के अनुसार पोर्टल में कुछ खामियां सामने आई है, उसे दूर की जाएगी. उल्लेखनीय है कि पहले जहां नर्सरी, केसी वन और क्लास वन से भर्ती होती थी लेकिन अब सिर्फ क्लास वन से भर्ती की जाएगी. इसे लेकर विगत 16 फरवरी से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. च्वाईस सेंटरों में लोग आवेदन करने पहुंच रहे हैं. पालको ने बताया कि पोर्टल खोलने के बाद स्कूल के नाम और सीट नही दिख रहे हैं. जानकारी अनुसार प्रदेशभर में पिछले साल 44173 सीट में भर्ती हुई थी. इस बार यह कम होकर 19466 सीट हो गई है. इस तरह 24707 सीट कम हो गए है. जिसका असर जिले में दिखेगा.
मांगे जा रहे ये दस्तावेज
आरटीई में आवेदन के लिए परिजनों से पोर्टल में कक्षा पहली से ही बच्चों को दाखिले की जानकारी दिख रही है. आरटीई में दाखिले के लिए बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, माता-पिता अभिभावक का आधार कार्ड, बीपीएल ल अथवा अंत्योदय राशन कार्ड, पता सत्यापन हेतु बिजली बिल एवं अन्य दस्तावेज मांगे जा रहे हैं. पोर्टल में इन दस्तावेज को अपलोड करना है. कई अभिभावक नियम बदलने की जानकारी से निराश भी हो रहे है.
दो चरण में होगी प्रक्रिया
निजी स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा के लिए 16 से 31 फरवरी तक प्रथम चरण के तहत आरटीई का आवेदन पोर्टल के माध्यम से किया जाना है. आरटीई के माध्यम से पोर्टल में 5 वर्ष आयु सीमा से साढ़े 6 वर्ष आयु सीमा तक के बच्चों के लिए आवेदन किया जाना है. पहले चरण के तहत 16 फरवरी से 31 मार्च आवेदन और नोडल अधिकारी द्वारा वेरिफिकेशन किया जाएगा. वहीं लॉटरी एवं आबंटन की प्रक्रिया 13 अप्रैल से 17 अप्रैल तक होगा और 1 मई से 30 मई तक स्कूल में दाखिला दिया जाएगा. वहीं द्वितीय के तहत पोर्टल में छात्र पंजीयन 1 जुलाई से प्रारंभ होगा.
शहर में प्रतिदिन 4 करोड़ लीटर पानी की खपत
राजनांदगांव। राजनांदगांव जिला मुख्यालय क्षेत्र अंतर्गत आने वाले आउटर से लगे वार्डों में अभी भी टैंकरों से जलापूर्ति कराने की मजबूरी बनी हुई है. शादी सीजन शुरू हो जाने के बाद से भी अधिक से अधिक टैंकरों की बुकिंग बताई जा रही है. इस प्रकार से प्रतिदिन इन 40 से 50 खेप पानी टैंकरों से पहुंचाया जा रहा है.
वर्तमान में राजनांदगांव शहर में प्रतिदिन 4 करोड़ लीटर पानी की खपत बताई जा रही है. ज्ञात हो कि राजनांदगांव जिला मुख्यालय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 51 वार्ड में पेयजल व्यवस्था सुरक्षित कराने के लिए करोड़ों रुपए की लागत से अमृत मिशन योजना के अंतर्गत पाइप लाइन का विस्तार सुनिश्चित कराया गया है. नगर निगम द्वारा प्रतिदिन सुबह और शाम के समय शहर के सभी वार्डों में जलापूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है.
45000 से अधिक नल कनेक्शन होने के बाद भी शहर के दर्जनभर वार्ड के भीतरी क्षेत्रों में पानी की किल्लत बनी हुई है. विशेष रूप से नवागांव, बापू टोला, बीड़ी श्रमिक कॉलोनी, नया और पुराना ढाबा, 16 खोली से लेकर कन्हारपुरी, चिखली, शांति नगर, बसंतपुर, लखोली, राजीव नगर, लखोली नंदई क्षेत्र में पानी की किल्लत होने के कारण अभी से ही यहां पर टैंकर पहुंचाएं जा रहे हैं.
डीजे बजाने वाले तीन के खिलाफ कार्रवाई, वाहन जब्त
खैरागढ़। जिले में 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए केसीजी पुलिस ने अधिक ध्वनि स्तर पर डीजे बजाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. अलग अलग थाना क्षेत्रों में तीन व्यक्तियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम की धाराओं 4 एवं 15 के तहत प्रकरण दर्ज कर डीजे साउंड सिस्टम सहित तीन वाहन जब्त किए गए हैं. आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है.
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना छुईखदान क्षेत्र में 11 फरवरी 2026 को चन्द्रशेखर विदान 35 वर्ष निवासी खैरागढ़ के खिलाफ इस्तगासा क्रमांक 01/2026 के तहत कार्रवाई की गई. उनके कब्जे से डीजे साउंड सिस्टम और डीआई वाहन जब्त किया गया.
एसआईआर के बाद जिले में घट गए 2.17 लाख मतदाता
दुर्ग। चार महीने तक चले एसआईआर के बाद आज मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया. एसआईआर शुरू होने के पहले 31 अक्टूबर 2025 की स्थिति में जिले में कुल 1452509 मतदाता थे जो आज एसआईआर के बाद अंतिम प्रकाशन के अनुसार घटकर 1235230 रह गए अर्थात एसआईआर के बाद जिले में 2 लाख 17 हजार 279 मतदाता घट गए एसआईआर के दौरान सर्वाधिक 44 हजार 746 मतदाताओं के नाम वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में कटे हैं.
शनिवार को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के अनुसार जिले में महिला मतदाताओं की संख्या 620522 एवं पुरुष 614665 है वहीं 43 तृतीय लिंग है. एसआईआर के पहले व अंतिम प्रकाशन के बाद मतदाताओं के आंकड़े के अनुसार वैशाली नगर विधान सभा में पहले 254291 मतदाता थे जो एसआईआर के बाद घटकर 209545 हो गया है. इसी प्रकार दुर्ग शहर में 42954 मतदाता गायब हो गए. यहां 236265 से घटकर अब 195368 मतदाता रह गए हैं. अहिवारा में 39358 मतदाताओं के नाम कटे हैं. यहां 243616 से घटकर कुल मतदाता अब 2204258 हो गए हैं, जबकि भिलाईनगर में 163324 से घटकर अब 127023 मतदाता रह गए हैं.
सबसे कम पाटन में 17125 मतदाताओं के नाम कटे: एसआईआर के दौरान सबसे कम पाटन विधानसभा में मात्र 17125 मतदाताओं के नाम कटे हैं. एसआईआर के पहले मतदाताओं की संख्या के हिसाब से पाटन जिले का चौथे नंबर का बड़ा विधानसभा था जो अब वैशाली नगर के बाद दूसरा सबसे बड़ा विधानसभा हो गया है. पाटन में 222681 से घटकर अब 205556 मतदाता हो गए हैं. इसी प्रकार दर्ग ग्रामीण में 222544 से घटकर अब 195368 मतदाता रह गए हैं. वहीं जिले के अंतर्गत आने वाले साजा विधानसभा के आंशिक क्षेत्र में 7359 एवं बेमेतरा आंशिक में 2260 मतदाता कम हुए हैं.
प्रारूप प्रकाशन के बाद हुई 31786 मतदाताओं की वृद्धि : गौरतलब है कि एसआईआर के दौरान घर घर जाकर 4 नवम्बर से 18 दिसंबर 2025 तक गणना पत्रक भरे गए. इसके बाद 23 दिसंबर 2025 को इसका प्रारूप प्रकाशन किया गया. इसके अनुसार मतदाता सूची में जिले में कुल 1203444 मतदाता थे. इसके उपरांत दावा आपत्ति प्राप्त किए गए एवं नोटिस जारी कर सुनवाई की गई, इसमें प्रारूप प्रकाशन के बाद मतदाताओं की संख्या 31786 और बढ़ गई.
तीन दर्जन दुकानें सील, राशि जमा नहीं करने पर होगीं निरस्त
राजनांदगांव। वित्तिय वर्ष के अंत में राजस्व की कमी के चलते नगरनिगम द्वारा दुकान से किराया और प्रीमियम राशि वसूलने अभियान छेड़ दी गई है. अब तक तीन दर्जन से अधिक दुकानों को सील कर दिया गया है. ऐसे बकायदारों को नोटिस देकर मोहलत भी दी जा रही है. खबर है कि वित्तिय वर्ष में अगर उनके द्वारा बकाया राशि का भुगतान नही किया जाएगा तो आबंटन निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी.
उल्लखेनीय है कि नगरनिगम के अधीन सैकड़ों दुकाने है. जिसका आबंटन करने के बाद प्रीमियम राशि जमा नही की जा रही है. नगरनिगम को करीब ढ़ाई करोड़ रूपए का प्रीमियम राशि वसूल किया जाना है. इसके आलावा इस वर्ष दुकान कराए करीब दो करोड़ की वसूली करनी है. नगर निगम में कर्मचारियों को वेतन देने तक की राशि नही है. ऐसे में निगम प्रशासन ने कार्यवाही तेज कर दी है. अब तक नया बस स्टैंड, रेल्वे स्टेशन, बसंतपुर के पीछे और नंदई हाट बाजार में तीन दर्जन दुकानों को सील कर दिया गया है. ऐसे लोगों से अगर राशि की वसूली नही होगी तो आबंटन निरस्त किया जाएगा.
जरूरतमंद को दुकान नहीं, आबंटन भी अटका
नगरनिगम में लाखों रूपए की लागत से दुकान बनी हुई है. लेकिन इसकी नीलामी निगम नही कर रही है. वहीं जिन्हें नीलामी की गई हैं वे राशि जमा नहीं कर रहे है. ऐसे में जरूरतमंद लोगों को दुकान नही मिल पा रहा है. इस साल नगर निगम को दुकान कराया एक करोड़ 17 लाख रूपए वसूलना है, जिसमें से अब तक 54 फीसदी वसूली हो पाई है.
मोबाइल बैंकिंग चालू कराने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले दो गिरफ्तार
भिलाईनगर। मोबाइल बैंकिंग चालू कराने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को सुपेला पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी बैंक खाता एवं सिम कार्ड का दुरुपयोग कर साइबर ठगी की राशि प्राप्त करने का प्रयास किया है.
ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि प्रार्थी हैप्पी सिंह (34 वर्ष) निवासी सड़क 01 क्वार्टर 10/डी, जोन- 03 खुर्सीपार भिलाई द्वारा थाना सुपेला में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका खाता छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, भिलाई- 03 में ऑनलाइन खोला गया था. मोबाइल बैंकिंग सेवा प्रारंभ कराने में तकनीकी समस्या आने पर उसने परिचित शिवाजी नगर, खुर्सीपार निवासी आशीष कुमार से संपर्क किया. 20 जनवरी को प्रार्थी द्वारा सिम कार्ड एवं बैंक खाता संबंधी जानकारी आरोपी को आकाश गंगा, सुपेला में दी गई. इसके पश्चात आरोपी द्वारा संपर्क बंद कर दिया गया. जानकारी प्राप्त हुई कि प्रार्थी के बैंक खाते एवं सिम कार्ड को साइबर ठगी की राशि प्राप्त करने हेतु अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया.
प्रार्थी की रिपोर्ट पर धारा 318 (4), 317 (2), 3 (5) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया. विवेचना के दौरान एक अन्य आरोपी की संलिप्तता पाए जाने पर उसे भी प्रकरण में शामिल किया गया. विशेष टीम ने दोनों आरोपियों आशीष कुमार व पावर हाउस कैंप-02, छावनी निवासी सुरजा कुमार सोनी (20 वर्ष) को गिरफ्तार किया है.
Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H


