Odisha News : भुवनेश्वर. कथित तौर पर पुरी के पवित्र श्री जगन्नाथ मंदिर के अंदर के एरियल विज़ुअल दिखाने वाला एक ड्रोन वीडियो फिर से वायरल हो गया है, जिससे मंदिर की सिक्योरिटी को लेकर काफी आलोचना और गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं.

कथित तौर पर “रवि तेलुगु ट्रैवलर” द्वारा शेयर किए गए इस फुटेज ने मंदिर के पास ड्रोन उड़ाने पर बैन के बार-बार उल्लंघन को लेकर बहस फिर से शुरू कर दी है. पुरी पुलिस द्वारा एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने के पहले के आश्वासन के बावजूद, ऐसी घटनाएं सामने आती रहती हैं.

सरकारी रिकॉर्ड से पता चलता है कि पिछले 19 महीनों में मंदिर के ऊपर और पास कम से कम दस बार गैर-कानूनी तरीके से ड्रोन चलाए गए. कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने ओडिशा विधानसभा को बताया कि जून 2025 से सिंहद्वार पुलिस स्टेशन में दस मामले दर्ज किए गए हैं. जबकि दो मामलों में फाइनल फॉर्म जमा कर दिए गए थे, आठ अन्य में जांच अभी भी जारी है.

जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार, मंदिर के ऊपर या पास ड्रोन उड़ाना पूरी तरह से मना है और इसे अपराध माना जाता है. हालांकि, वायरल फुटेज का बार-बार होना मॉनिटरिंग और एनफोर्समेंट में कमी दिखाता है.

पुरी पुलिस और मंदिर प्रशासन अभी लेटेस्ट फुटेज की असलियत की जांच कर रहे हैं और इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं. अधिकारियों ने ज़ोर दिया कि मंदिर की पवित्रता की रक्षा के लिए एडवांस्ड एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना प्राथमिकता है.