मौसम में बदलाव आ रहा है. गर्मी और ठंडकता आ रहीहै और इस दौरान Asthma (अस्थमा) के मरीजों को खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है. अस्थमा एक क्रॉनिक श्वसन रोग है, जिसमें सांस की नलियों में सूजन और संकुचन हो जाता है. ऐसे में खानपान की गलत आदतें समस्या को और बढ़ा सकती हैं – खासकर तली-भुनी चीजें. आइए जानते हैं कि अस्थमा के मरीजों के लिए तली-भुनी चीजें क्यों नुकसानदायक हो सकती हैं.

बढ़ाती हैं सूजन

तली-भुनी चीजों में ट्रांस फैट और अधिक मात्रा में सैचुरेटेड फैट होता है. ये शरीर में सूजन बढ़ाते हैं, जिससे सांस की नलियों में पहले से मौजूद सूजन और गंभीर हो सकती है. इससे सांस लेने में तकलीफ बढ़ सकती है.

वजन बढ़ने का खतरा

फ्राइड फूड्स कैलोरी से भरपूर होते हैं. लगातार सेवन से वजन बढ़ सकता है. मोटापा अस्थमा के लक्षणों को और बिगाड़ देता है, क्योंकि अतिरिक्त वजन फेफड़ों पर दबाव डालता है.

एसिडिटी और गैस की समस्या

तली-भुनी चीजें पचने में भारी होती हैं. इससे एसिड रिफ्लक्स या गैस की समस्या हो सकती है. एसिड रिफ्लक्स कई बार अस्थमा के अटैक को ट्रिगर कर सकता है.

इम्यून सिस्टम पर असर

बार-बार तेल में तली हुई चीजें खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है. पहले से कमजोर इम्यूनिटी वाले अस्थमा मरीजों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.

एलर्जी की संभावना

बाजार की तली-भुनी चीजों में प्रिजर्वेटिव्स, आर्टिफिशियल कलर और फ्लेवर हो सकते हैं, जो कुछ लोगों में एलर्जी या सांस की दिक्कत को ट्रिगर कर सकते हैं.

अस्थमा मरीज क्या खाएं?

  1. हरी पत्तेदार सब्जियां
  2. मौसमी फल (जैसे संतरा, अमरूद)
  3. हल्दी, अदरक जैसी एंटी-इंफ्लेमेटरी चीजें
  4. ओमेगा-3 से भरपूर आहार (अलसी, अखरोट)
  5. हल्का और कम तेल वाला भोजन