अभिषेक सेमर, तखतपुर। विकास कार्यों को लेकर शासन द्वारा भले ही करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हों, लेकिन जमीनी स्तर पर गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। तखतपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत जारौंधा में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 38 लाख रुपये की लागत से गौरव पथ सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाले लगे हैं। निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

मानकों की अनदेखी का आरोप

ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। सड़क निर्माण में आवश्यक पॉलीथिन शीट नहीं बिछाई जा रही है और सीमेंट की मात्रा भी तय मानक के अनुसार नहीं डाली जा रही। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क की मोटाई अधिक दिखाने के लिए नीचे रेत डाली जा रही है और ऊपर की परत को मोटा किया जा रहा है। वहीं, कंक्रीट को मजबूती देने के लिए वाइब्रेटर मशीन का भी समुचित उपयोग नहीं किया जा रहा, जिससे सड़क की गुणवत्ता और टिकाऊपन पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।

ठेकेदार और इंजीनियर की मिलीभगत का आरोप

ग्राम पंचायत जारौंधा के सरपंच, उपसरपंच और पंचों सहित कई ग्रामीणों ने ठेकेदार और संबंधित इंजीनियर के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि इसी प्रकार गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य जारी रहा तो सड़क कुछ ही महीनों में जर्जर हो जाएगी और शासन की लाखों रुपये की राशि व्यर्थ चली जाएगी।

मौके पर नहीं मिले इंजीनियर

जब लल्लूराम डॉट कॉम की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया तो निर्माण स्थल पर न तो पॉलीथिन बिछाई जा रही थी और न ही संबंधित इंजीनियर मौजूद थे। स्थानीय लोगों के अनुसार इंजीनियर की अनुपस्थिति में मजदूर अपने स्तर पर कार्य कर रहे हैं, जिससे निर्माण की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

कार्रवाई का इंतजार

अब बड़ा सवाल यह है कि लाखों रुपये की लागत से हो रहे इस निर्माण कार्य में सामने आई लापरवाही पर संबंधित विभाग और प्रशासन क्या कदम उठाएगा। क्या जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर ठोस कार्रवाई होगी या फिर जांच के नाम पर औपचारिकता निभाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा — यह आने वाला समय बताएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

निर्माण कार्य की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए : सरपंच

इस मामले में ग्राम पंचायत जारौंधा के सरपंच नंदराम मरावी ने विभाग और ठेकेदार पर सीधे तौर पर गुणवत्ताहीन निर्माण का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार और संबंधित इंजीनियर की मिलीभगत से सड़क निर्माण कार्य मनमाने तरीके से कराया जा रहा है। निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे सड़क की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। सरपंच ने आगे कहा कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो यह सड़क कुछ ही समय में क्षतिग्रस्त हो सकती है, जिससे शासन की लाखों रुपये की राशि व्यर्थ चली जाएगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं डाली जा रही सामग्री: उपसरपंच

ग्राम पंचायत जारौंधा के उपसरपंच मनोज ने निर्माण कार्य को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि गौरव पथ सड़क निर्माण में ठेकेदार द्वारा जमकर मनमानी की जा रही है। निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं है। गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सड़क निर्माण से पूर्व आवश्यक पॉलिथीन शीट नहीं बिछाई जा रही है, जो मानकों के तहत अनिवार्य है। इसके चलते सड़क की मजबूती प्रभावित हो रही है।

निर्माण कार्य में ठेकेदार और विभाग की मनमानी : जनपद सदस्य प्रतिनिधि

जनपद सदस्य प्रतिनिधि अश्वनी श्रीवास ने भी निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत जारौंधा में ठेकेदार और विभाग की मनमानी साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने स्वयं मौके पर निरीक्षण किया, जहां पाया गया कि सड़क निर्माण में तैयार किया जा रहा मसाला निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है और उसमें कोताही बरती जा रही है। अश्वनी श्रीवास ने आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान वाइब्रेटर मशीन का समुचित उपयोग नहीं किया जा रहा, जिससे सड़क की मजबूती प्रभावित हो सकती है। साथ ही मसाले में सीमेंट की मात्रा भी कम नजर आई। उन्होंने पूरे मामले की तकनीकी जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।