राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र का बुधवार को आठवां दिन रहा। भोपाल के मास्टर प्लान जारी होने में देरी पर सवाल उठे है। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने सरकार को जमकर घेरा। इस पर नगरीय प्रशासन मंत्री ने जवाब दिया। वहीं वन विभाग ने श्रमिकों के भुगतान के अकाउंट नंबर देने से इनकार कर दिया हैं। इसके अलावा सदन में प्रश्नकाल के दौरान जजों की सुरक्षा और पत्रकारों की सुरक्षा का मामला भी उठाया गया।

नेता प्रतिपक्ष ने मास्टर प्लान और मेट्रो पर घेरा

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मास्टर प्लान और मेट्रो को लेकर कहा कि सरकार के सदस्यों के बीच टकराव साफ दिख रहा है। नगरीय प्रशासन मंत्री को फ्री हैंड क्यों नहीं है ? फ्री हैंड नहीं देना है तो इस्तीफा ले लो और देना है तो मंत्री को काम करने दो। सिंघार ने कहा कि आपसी लड़ाई से मास्टर प्लान अटका हुआ है। क्या जनता को मास्टर प्लान की जरूरत नहीं ? अवैध कॉलोनियों का निर्माण लगातार जारी है। इनके लोग अवैध निर्माण जोड़कर वैध करा लेते है। बड़े शहरों की जनता के साथ अन्याय हो रहा है। इंदौर-भोपाल को लेकर सरकार असंवेदनशील है, यह साबित हो गया है।

कांग्रेस विधायक ने कहा- लापरवाही के कारण बढ़ा टेंडर

कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि भोपाल का मास्टर प्लान जारी नहीं होने का असर हर नागरिक और व्यवसाय करने वाले लोगों को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भोपाल का मास्टर प्लान लगभग 20 साल से लंबित पड़ा है। अधिकारियों की लापरवाही और मिलीभगत के कारण 22 करोड़ रुपए का टेंडर बढ़कर 72 करोड़ रुपए का हो गया है। जयवर्धन सिंह ने कहा कि प्रदेशभर में इंदौर मॉडल लागू हो। नगरीय विकास विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान में इंदौर देश में सबसे आगे है, लेकिन प्रदेश के कई जिलों में स्वच्छता के लिए दी गई राशि खर्च नहीं हो पा रही है

नगरीय निकायों में इंदौर मॉडल लागू करने की मांग

उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को स्वच्छ बनाने के लिए इंदौर मॉडल लागू किया जाना चाहिए। नगर छोटा हो या बड़ा, यदि इंदौर मॉडल के तहत विकेंद्रीकरण कर घर-घर से कचरा एकत्र कर उसका उचित निष्पादन किया जाए, तो प्रदेश में एक बड़ा संदेश जाएगा। जयवर्धन ने अंतर्राष्ट्रीय बैंकों के साथ टाई-अप कर मॉडल सिटी के कॉन्सेप्ट पर काम करने की भी बात कही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भोपाल और इंदौर में मेट्रो तभी सफल होगी, जब उसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जोड़ा जाएगा।

गौ मांस पर जीएसटी के सवाल पर बवाल

पूर्व नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह ने गौ मांस पर जीएसटी वाले विधानसभा में लगे प्रश्न पर कहा कि भाजपा के लोग सनातन की बड़ी बड़ी बाते करते है। सरकार गौ मांस पर कोई जीएसटी नहीं ले रही है। विधानसभा में लगाए सवाल के जवाब को लेकर जयवर्धन ने आरोप लगाया कि मैंने गौ मांस पर जीएसटी न लगाने पर सवाल किया था। वहीं उन्होंने प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार का हवाला दिया है।

नगरीय प्रशासन मंत्री बोले- कब्रिस्तान को नहीं होगा नुकसान

नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मेट्रो के अंडरग्राउंड के चलते कब्रिस्तान को नुकसान नहीं होगा। यह बात उन्होंने इंदौर और भोपाल मेट्रो के अंडरग्राउंड करने के काम को लेकर कही है। कैलाश ने कहा कि अंडरग्राउंड एलीवेटेड यानी भूमिगत मेट्रो की लाइन के लिए अब नेटम टेक्नोलॉजी का उपयोग कर बनाई जाएगी। मैंने यह तकनीक दिल्ली में देखी थी। केवल एक जगह होल कर अंडरग्राउंड टनल तैयार कर दी जाती हैय़ हमारे फोन लाइन सीवेज लाइन या अन्य लाइन इतनी गहराई पर नहीं होती है, इसलिए किसी अन्य तरह की समस्या नहीं आती है।

कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि इंदौर में इसके लिए मशीन आ चुकी है। उन्होंने कहा कि भोपाल से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने कब्रिस्तान को लेकर जो बात कही हैं, वो पूरी तरफ गलत है। कब्रिस्तान को कोई हानि नहीं होगी। सिर्फ ब्रांड्रीवॉल तुटेगी, जिसे काम होने के बाद फिर बनावा दिया जाएगा। मंत्री ने यह भी कहा कि इस मामले में किसी भी तरह से भ्रम ना फैलाएं।

श्रमिकों के भुगतान के अकाउंट नंबर देने से इनकार

वहीं श्रमिकों के भुगतान के अकाउंट नंबर देने से वन विभाग ने इनकार कर दिया है। विधानसभा में बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा ने सवाल किया। उन्होंने वनमण्डल विदिशा में पौधरोपण का सवाल पूछा। विधायक ने श्रमिकों के भुगतान की जानकारी मांगी और कहा कि पता बैंक खाता नहीं बताया गया है। बाहर के मजदूरों को काम करते देखा गया है। प्रदेश स्तरीय टीम से जांच कराएं। इस पर वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने जवाब देते हुए कहा कि अकाउंट नम्बर देना मर्यादा होती है। व्यक्तिगत तौर पर जानकारी दे दूंगा।

ऐसे अधिकारी लगा रहे सरकार को चूना- उमाकांत शर्मा

उमाकांत शर्मा ने कहा कि सिंरोज विकासखंड में बाहर के मजदूरों से काम कराया गया, इस मामले में अनियमित हुई है। जांच कमेटी में मुझे शामिल कर जांच करवाई जाए। लटेरी और सिरोंज में वन भूमि पर कब्जा कर खेती कर रहे हैं। यह अतिक्रमण आज तक नहीं हटा है। मंत्री को आवेदन दिया था कि एक ऑडियो भी हमने उपलब्ध कराया था। जिसमें वनरक्षक और डिप्टी रेंजर और ठेकेदार के बीच बातचीत है। इससे सरकार की बदनामी हो रही है, सरकार को ऐसे अधिकारी चूना लगा रहे हैं।

कांग्रेस ने बताया गोल जवाब, मंत्री बोले- कोई अनियमितता नहीं

कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने कहा कि पर्यावरण से जुड़े मुद्दे पर मंत्री गोल-गोल जवाब दे रहे हैं। दो दिन पहले उमरिया जिले में शेर के शिकार को लेकर कुछ लोगों को जेल में रखा गया, लेकिन FIR दर्ज नहीं हुई और वह सभी छूट गए। मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि स्थानीय स्तर पर मजदूर नहीं मिलते तो बाहर के मजदूरों को बुलाया जाता है। पौधों का मूल्यांकन करने के लिए हम बाहर की संस्थाओं से मूल्यांकन करवाते हैं। इसमें किसी तरह की अनियमितता नहीं हुई।

प्रश्नकाल में जजों की सुरक्षा का मामला गूंजा

प्रश्नकाल में भाजपा विधायक हरिशंकर खटीक ने हर न्यायिक मजिस्ट्रेट को एक गनमैन देने का मामला उठाया। मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि जजों को सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। यदि कोई विशेष परिस्थिति हो तो स्थानीय स्तर पर SP निर्णय लेते हैं। आवेदन पर राज्य सुरक्षा समिति फैसला लेकर सुरक्षा मुहैया कराती है। भाजपा विधायक हरिशंकर खटीक ने मांग की है कि हर न्यायिक मजिस्ट्रेट को एक-एक गनमैन उपलब्ध कराया जाएं।

पत्रकार सुरक्षा कानून का मामला भी उठा

कांग्रेस विधायक विपिन जैन ने पत्रकार सुरक्षा कानून का मामला उठाया। उन्होंने पूछा कि कब तक पत्रकार सुरक्षा कानून लागू होगा। इस पर मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने जवाब देते हुए बताया कि डॉ मोहन सरकार पत्रकार की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। कानून बनाने के लिए दूसरे राज्यों के कानून का अध्ययन किया जा रहा है। विषय विशेषयों से सलाह ली जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर कानून बनाया जा रहा है।

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