दिल्ली सरकार ने नजफगढ़ ड्रेन के किनारे स्थित 50 एकड़ के कचरा डंपिंग मैदान को कायाकल्प करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत इस बंजर और गंदगी से भरी जमीन को ‘अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल‘ गार्डन के रूप में विकसित किया जाएगा। योजना के तहत यहाँ निम्नलिखित सुविधाएं बनाई जाएंगी वॉकवे और हरे-भरे रास्ते, एम्फीथिएटर, बास्केटबॉल और बैडमिंटन कोर्ट, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 12 फुट ऊंची मूर्ति, जिसके चारों ओर फव्वारे और हरियाली होगी
9 करोड़ रुपए लागत
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत लगभग 9 करोड़ रुपए है। रिपोर्ट के अनुसार, गार्डन में अमलताश, नीम, सिरिस, गुलमोहर और आम जैसे कुल 6,000 पेड़ लगाए जाएंगे, जिससे इलाके को हरा-भरा और सुंदर बनाया जा सके। इस गार्डन में वॉकवे, एम्फीथिएटर, बास्केटबॉल और बैडमिंटन कोर्ट जैसी सुविधाएं भी बनाई जाएंगी। साथ ही, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 12 फुट ऊंची मूर्ति भी स्थापित की जाएगी, जिसके चारों ओर फव्वारे और हरियाली होगी।
केंद्र में रहेंगे पर्यावरण, संस्कृति और लोग
इस बारे में जानकारी देते हुए सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा “नजफगढ़ ड्रेन के किनारे कम इस्तेमाल हो रही 50 एकड़ जमीन को अटल गार्डन के नाम से एक हरे-भरे और आधुनिक सामुदायिक केंद्र में बदलने के लिए एक योजना बनाई गई है। यह परियोजना पूर्व प्रधानमंत्री के विकास के विजन को दिखाएगा, जिसमें पर्यावरण, संस्कृति और लोगों को केंद्र में रखा जाएगा।”
फिलहाल डंपिंग मैदान की तरह हो रहा उपयोग
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में इस जमीन का इस्तेमाल नगर निगम द्वारा ठोस कचरा और निर्माण मलबे (C&D वेस्ट) के डंपिंग ग्राउंड के रूप में किया जाता है। यहां जमा गंदगी के कारण नालों में रुकावट आती है और वे बंद हो जाते हैं, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है और दुर्गंध फैलती है। इस परियोजना के तहत कुल 6,000 पेड़ लगाए जाएंगे, जिनमें अमलताश, नीम, सिरिस, गुलमोहर और आम शामिल हैं। गार्डन में वॉकवे, एम्फीथिएटर, बास्केटबॉल और बैडमिंटन कोर्ट बनाए जाएंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 12 फुट ऊंची मूर्ति स्थापित की जाएगी, जिसके चारों ओर फव्वारे और हरियाली होगी।
नालों से गाद निकालने लगाई गई 66 मशीनें
दिल्ली सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने नजफगढ़ ड्रेन के किनारे 50 एकड़ जमीन पर ‘अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल’ गार्डन के विकास के साथ-साथ यमुना में गिरने वाले बड़े नालों की सफाई पर भी जोर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, बड़े नालों से गाद निकालने के लिए 66 अलग-अलग प्रकार की मशीनें लगाई गई हैं, जिनमें शामिल हैं: 16 हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर, 18 ड्रैगलाइन, 11 बैक हो लोडर (JCB), 4 ट्रैश स्कीमर, 6 DUC, 2 वीड हार्वेस्टर (जिनमें से 4 यमुना नदी में लगाए गए हैं), 2 एम्फीबियस हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर,1 वॉटर मास्टर, 2 मिनी एक्सकेवेटर, 4 डोजर, सिंचाई विभाग की रिपोर्ट में बताया गया है कि गाद निकालने से नालों की जल निकासी क्षमता बढ़ेगी, जिससे बारिश के दौरान शहर में पानी भरने की घटनाएं कम होंगी।
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