Petrol-Diesel Crisis In Pakistan: अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग (America-Israel and Iran war) का आज सातवां दिन है। युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) बंद है। इसके कारण पूरे विश्व में तेल की सप्लाई ठप हो गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने का असर भारत पर भी पड़ रहा है। हालांकि भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान की हालत बद से बदतर होती जा रही है। सप्लाई नहीं होने के कारण पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल का स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है। पाकिस्तान में तेल कुछ ही दिन के लिए बचा है। यही हालात रहे तो पाकिस्तान से पेट्रोल-डीजल विलुप्त (खत्म) हो जाएगा।

किस्तान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (PPDA) का कहना है कि सरकार कह रही है कि उनके पास 20-25 दिनों की सप्लाई है। लेकिन उन्हें पिछले 3 दिनों से कोई सप्लाई ही नहीं मिली है। खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की वजह से हालात बिगड़ गए हैं. अगर सरकार सप्लाई ठीक नहीं करती है, तो सोमवार से पेट्रोल पंप बंद होने लग जाएंगे।

PPDA के नेताओं ने कल गुरुवार को चेतावनी देते हुए आरोप लगाया कि पेट्रोलियम कंपनियों ने सप्लाई कम कर दी है और चेतावनी दी कि अगर सप्लाई ठीक नहीं हुई तो अगले कुछ दिनों में पेट्रोल पंप बंद हो सकते हैं। एसोसिएशन का कहना है कि सभी OMC उन्हें परेशान कर रही हैं। उनकी मांगों में 50 फीसदी की कटौती कर दी गई है, और वह भी 2-3 दिन बाद ही हो रही है। इस वीकेंड तक, पाकिस्तान में तेल की सप्लाई करीब-करीब खत्म हो जाएगी। इसी तरह कुछ ही दिनों में देश से पेट्रोल और डीजल गायब हो जाएंगे।

फ्यूल की कमी से दाम में बढ़ोतरी

एसोसिएशन के सेंट्रल सेक्रेटरी जनरल चौधरी इरफान इलाही ने कहा कि फ्यूल डिलीवरी में कमी की वजह से स्थिति चिंताजनक हो गई है. उन्होंने कहा, “डीजल की सप्लाई में काफी कमी आई है और घटकर महज 20% ही रह गई है, और पेट्रोल सप्लाई भी काफी कम हो गई है। इलाही ने यह भी दावा किया कि पीछे से तेल नहीं आने की वजह से फ्यूल की कीमतें भी तेजी से बढ़ रही हैं, डीजल की कीमतें 17 पाकिस्तानी रुपये और पेट्रोल की कीमतें 35 पाकिस्तानी रुपये तक बढ़ गई हैं।

खाड़ी में युद्ध से बिगड़े हालात

एसोसिएशन का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की वजह से हालात बिगड़ गए हैं। अगर सरकार सप्लाई ठीक नहीं करती है, तो सोमवार से पेट्रोल पंप बंद होने लग जाएंगे। उनका आरोप है कि कंपनियों ने कीमतें बढ़ाने के लिए पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की सप्लाई ही रोक दी है। इससे एक दिन पहले, ऑल पाकिस्तान पेट्रोल पंप ओनर्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखकर तेल की सप्लाई में देरी होने पर पेट्रोलियम की संभावित कमी पर खासी चिंता जताई थी। पत्र के मुताबिक, मध्य पूर्व एशिया में चल रहे संकट के बीच ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कथित तौर पर कोटा सिस्टम लागू किया है।

पाकिस्तान हर महीने करीब 1 मिलियन बैरल तेल आयात करता है

बता दें कि पाकिस्तान हर महीने करीब 1 मिलियन बैरल तेल आयात करता है, जिसमें सऊदी अरब देश का एक बड़ा तेल निर्यातक देश है। UAE भी पाकिस्तान को तेल निर्यात करता है। इस बीच ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) का कहना है कि उनके पास देश की 28 दिनों की खपत की जरूरत को पूरा करने के लिए तेल का स्टॉक है, जो सरप्लस फ्यूल इंपोर्ट करने के पहले से किए गए उपायों के बाद है।

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