Iran Khorramshahr-4-Missile: अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज सातवां दिन है। अमेरिका और इजराइल मिलकर ईरान पर ताबड़तोड़ हमले कर रही है। जबकि ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है। इसी बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने आज सुबह इजराइल पर बड़ा हमला किया है। ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस (Operation True Promise) 4 के 19वें चरण में ईरान ने अपने सबसे खतरनाक मिसाइल खोर्रमशहर-4 से इजराइल की राजधानी तेल अवीव पर हमला किया है। ईरान ने खोर्रमशहर-4 मिसाइल तेल अवीव के बीचों-बीच, बेन गुरियन एयरपोर्ट और वहां की इजरायली एयर फोर्स की 27वीं स्क्वाड्रन बेस पर दागीं। मिसाइलें इजरायल की 7 परतों वाली एयर डिफेंस को भेदकर तेल अवीव की धरती पर गिरीं।
ये मिसाइलें 1 टन वजन वाले वारहेड से लैस थीं। IRGC ने इन्हें ‘या हसन इब्न अली’ कोडनेम के तहत लॉन्च किया था। ये मिसाइलें हमले वाले ड्रोन के साथ आगे बढ़ींष इजरायल की 7 परतों वाली एयर डिफेंस को पार करके पहुंचीं।
IRGC के बयान में बताया गया कि इससे पहले 18वें चरण में ईरान ने बहरीन, यूएई और कुवैत में अमेरिका के 20 सैन्य ठिकानों पर सफल हमला किया गया था। ईरान की सेना ने कहा कि अमेरिकी सैनिक डरकर अपने बेस छोड़कर होटलों में छिप गए। अमेरिकी सेना अब फारस की खाड़ी के देशों में आम नागरिकों की इमारतों को ढाल बना रही है, लेकिन IRGC की खुफिया नजर इन सब पर है। ईरानी सैनिक अमेरिकी सैनिकों का पीछा कर रहे हैं।

आईआरजीसी ने कहा कि ईरान की सेना के अलग-अलग हिस्सों ने मिलकर अमेरिका और इजरायल के अनुमान से बाहर प्लानिंग की। अब युद्ध कई मोर्चों पर चल रहा है। ईरान का दावा है कि ये हमले इजरायल और अमेरिका की हवाई रक्षा को पूरी तरह चकमा दे रहे हैं। इस मिसाइल हमले से पूरा मध्य पूर्व फिर से तनाव में आ गया है।
खोर्रमशहर-4 मिसाइल की खासियतें
खोर्रमशहर-4 को खैबर मिसाइल भी कहते हैं. यह मीडियम रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) है जो सड़क पर चलने वाली लॉन्चर से दागी जाती है। इसकी लंबाई 13 से 13.5 मीटर, व्यास 1.5 से 1.8 मीटर और वजन 15000 से 20000 किलो है। इसमें 1800 किलो तक पेलोड ले जाने की क्षमता है। मिसाइल में 1 टन से ज्यादा हाई एक्सप्लोसिव वारहेड लगाया जा सकता है। यह लिक्विड फ्यूल से चलती है और 2000 से 3000 किलोमीटर तक मार कर सकती है। ईरान का दावा है कि यह 2000 किलोमीटर दूर भी 30 मीटर के दायरे में सटीक निशाना लगाती है।

मिसाइल की तैयारी और स्पीड
खोर्रमशहर-4 को लॉन्च करने में सिर्फ 15 मिनट लगते हैं। यह 19757 km/hr की स्पीड से हवा के बाहर और 9878 km/hr की स्पीड से हवा के अंदर उड़ती है। मिसाइल में मल्टीपल वॉरहेड लगाए जा सकते हैं. यह 80 छोटे-छोटे टारगेट तक मार सकती है। वॉरहेड आखिरी समय में अलग होकर इतनी तेजी से गिरता है कि दुश्मन की एयर डिफेंस उसे रोक नहीं पाती।
मिसाइल का इतिहास और विकास
यह मिसाइल ईरान की एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ऑर्गनाइजेशन ने बनाई है। पहली बार 2017 में टेस्ट हुई थी लेकिन बीच में फट गई थी। 2017 में ही इसे सार्वजनिक किया गया. 2019 में छोटा वर्जन बनाया गया जिसकी रेंज 3,000 किलोमीटर हो गई। 2020 में खोर्रमशहर-2 टेस्ट हुआ. 2023 में खोर्रमशहर-4 यानी खैबर को आधिकारिक तौर पर दिखाया गया। ईरान का कहना है कि यह दुनिया की सबसे सटीक और तेज तैयार होने वाली मिसाइलों में एक है।
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