मुजफ्फरपुर। जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। असम में मजदूरी कर घर लौट रहे पिता-पुत्र की एक साथ अर्थी उठी। जहां बेटे की मौत ट्रेन से गिरकर हुई, वहीं जवान बेटे के जाने का सदमा पिता सहन नहीं कर सके और उन्होंने भी रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

​कैसे हुआ हादसा?

​साहेबगंज के चकवा जगदीशपुर निवासी शंभू राय (68) और उनका बेटा विजय कुमार (45) डिब्रूगढ़ से ट्रेन पकड़कर होली मनाने गांव आ रहे थे। 3 मार्च को सफर के दौरान विजय ट्रेन के गेट के पास खड़ा था। न्यू जलपाईगुड़ी और कटिहार के बीच अचानक संतुलन बिगड़ने से वह चलती ट्रेन से नीचे गिर गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

​अनजान पिता से छिपाई गई सच्चाई

​हादसे के वक्त पिता शंभू राय अपनी सीट पर बैठे थे और उन्हें घटना की भनक तक नहीं लगी। जीआरपी ने जब विजय के फोन से परिजनों को सूचना दी, तो उन्होंने शंभू को फोन कर सिर्फ इतना कहा कि विजय स्टेशन पर छूट गया है, आप ट्रेन से उतर जाएं। परिजन नहीं चाहते थे कि बुजुर्ग पिता को अचानक इतना बड़ा सदमा लगे।

​बेटे की खबर सुनते ही थमी पिता की सांसें

​4 मार्च को जब परिजन कटिहार पहुंचे, तो पिता को दूसरी गाड़ी में बैठाकर घर ले जाया जाने लगा। रास्ते में जब शंभू राय ने बेटे से मिलने की जिद की, तो परिजनों को सच्चाई बतानी पड़ी। जैसे ही उन्हें बेटे की मौत का पता चला, वह सदमे में चले गए और घर पहुंचने से पहले ही गाड़ी में उनकी भी मौत हो गई।

​एक साथ उठी दो अर्थियां

​5 मार्च की सुबह जब दोनों के शव गांव पहुंचे, तो कोहराम मच गया। मृतक विजय अपने पीछे दो बेटियां और एक 4 साल का बेटा छोड़ गया है। उसी रात पिता-पुत्र का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। पूरा गांव इस दुखद अंत से स्तब्ध है।