ईरान के दक्षिणी शहर मिनाब में एक स्कूल पर हुए भीषण हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद गहरा गया है. इस हमले में ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, 150 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई थी, जिनमें ज्यादातर छात्राएं थीं. इस घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए ईरान को ही जिम्मेदार ठहराया है.

एयर फोर्स वन में शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “हमें लगता है कि यह हमला ईरान ने किया है. जैसा कि आप जानते हैं, उनके हथियार बेहद गलत निशाना लगाते हैं. उनकी सटीकता बिल्कुल नहीं है.” हालांकि अब तक इस हमले की जिम्मेदारी न तो अमेरिका और न ही इजरायल ने ली है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है. वहीं ईरान ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर अमेरिका को दोषी ठहराया है.

अपनी ही जांच में घिरा अमेरिका

न्यूज एजेंसी रॉयटर्सी की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी सैन्य जांचकर्ताओं का मानना है कि संभव है कि अमेरिकी सेना ही ईरान के एक लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले के लिए जिम्मेदार हो. हालांकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है. यह जानकारी दो अमेरिकी अधिकारियों ने रॉयटर्स को दी है. रिपोर्ट के अनुसार रॉयटर्स यह पता नहीं लगा सका कि जांच में और क्या-क्या जानकारी सामने आई है. यह भी साफ नहीं है कि इस शुरुआती अनुमान के लिए कौन-सा सबूत मिला, इस हमले में किस तरह का हथियार इस्तेमाल हुआ, असली जिम्मेदार कौन है या अमेरिका ने स्कूल को क्यों निशाना बनाया होगा.

वहीं अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बुधवार को स्वीकार किया था कि अमेरिकी सेना इस घटना की जांच कर रही है. रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों ने संवेदनशील सैन्य मामलों के कारण अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बात की. उन्होंने यह भी कहा कि आगे नई जानकारी सामने आ सकती है जिससे अमेरिका की जिम्मेदारी खत्म हो जाए और किसी दूसरे पक्ष को जिम्मेदार पाया जाए.

ईरान के स्कूल में बही खून की नदी

दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में स्थित इस लड़कियों के स्कूल पर शनिवार को हमला हुआ था. यह वही दिन था जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमले शुरू किए थे. जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के लिए ईरान के राजदूत अली बहरीन ने कहा कि इस हमले में 150 छात्राओं की मौत हुई. हालांकि रॉयटर्स इस संख्या की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है.

पेंटागन ने रॉयटर्स के सवालों को अमेरिकी सेना के यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड के पास बढ़ा दिया. यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने कहा, “क्योंकि घटना की जांच चल रही है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना ठीक नहीं होगा.” इसी तरह व्हाइट हाउस ने जांच पर सीधे टिप्पणी नहीं की. लेकिन प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने रॉयटर्स को दिए बयान में कहा, “जब तक युद्ध विभाग इस मामले की जांच कर रहा है, यह भी याद रखना चाहिए कि ईरान की सरकार नागरिकों और बच्चों को निशाना बनाती है, अमेरिका नहीं.”

वहीं अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि अमेरिका जानबूझकर किसी स्कूल को निशाना नहीं बनाएगा. रूबियो ने कहा, “अगर यह हमला हमारी तरफ से हुआ होगा तो युद्ध विभाग इसकी जांच करेगा. इस बारे में सवाल उन्हीं से पूछे जाने चाहिए.”

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