बिलासपुर। गुजराज पुलिस के 15 अधिकारी व जवानों का डेलीगेट्स एक भारत, श्रेष्ठ भारत प्रोग्राम के तहत मंगलवार को बिलासपुर पहुंचा। एसएसपी रजनेश सिंह व एएसपी की टीम ने उनका स्वागत किया। चेतना हॉल में पुलिस रेंज की जानकारी देने के साथ अधिकारियों का परिचय दिया। एसएसपी ने छत्तीसगढ़ में बिलासपुर के सांस्कृतिक व पारंपरिक महत्व भी बताए। उन्हें बिलासपुर रेंज की पुलिसिंग के तौर तरीकों के साथ गढ़ कलेवा में छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद लेने को कहा। गुजराज और छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी डेलीगेट्स के साथ बातचीत हुई।

कम्यूनिटी पुलिसिंग और नशे के खिलाफ कार्रवाई बड़ी वजह

पीएचक्यू द्वारा बिलासपुर रेंज को चुने जाने के पीछे दो बड़ी वजह है। रेंज में कम्यूनिटी पुलिसिंग व नशे के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जा रही है। बता दें भारत सरकार के नोडल एप्लीकेशन नेट ग्रिथ में बिलासपुर में कम्यूनिटी पुलिसिंग के लिए शुरू की गई एसएसपी रजनेश सिंह के चेतना अभियान को खूब सराहना मिल रही है। वहीं मुंगेली में कोटवारों को प्रशिक्षण व लोगों से जुड़ने के तरीके भी पसंद किए जा रहे हैं। इसके अलावा ईस्ट जोन में नशे के खिलाफ सबसे ज्यादा कार्रवाई व सौदागरों की संपत्ति कुर्की के मामले में रेंज आगे हैं।

डेलीगेट्स खदान, उद्योग और धार्मिक स्थल भी देखेंगे

गुजरात से आए पुलिस अधिकारी और जवानों का डेलीगेट्स बिलासपुर में आईजी कार्यालय, एसएसपी कार्यालय, थाने चौकी, ट्रैफिक, एसीसीयू का काम देखेगा। चेतना अभियान में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा उन्हें कोरबा जिले में कोयला खदान, उसकी सुरक्षा की जानकारी दी जाएगी। रायगढ़ में हाथी प्रभावित इलाकों के अलावा उद्योगों की जनसुनवाई का तरीका भी जानेंगे। इन सबके अलावा धार्मिंक स्थल, यहां की परंपरा, खानपान और जीवन शैली की भी जानकारी दी जाएगी।

बिलासपुर पुलिस की टीम गुजरात के पोरबंदर गई

एसएसपी सिंह ने बताया कि इस प्रोग्राम के तहत लगातार दूसरे साल पीएचक्यू ने बिलासपुर रेंज को चुना है। उन्होंने यह भी बताया बिलासपुर रेंज से भी 15 पुलिस अधिकारी व जवानों की एक टीम गुजरात के पोरबंदर भेजी गई है। टीम वहां की पुलिसिंग, साइबर संबंधित अपराधों की तकनीक, लॉ एंड आर्डर, पोर्ट और इंटरनेशनल बार्डर में होने वाले कामकाज को देखेगी।