नई दिल्ली। भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर(May-Ellin Steiner) ने वीकेंड पर दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) में यात्रा कर इसके संचालन और स्वच्छता की खुलकर सराहना की। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) अकाउंट पर सफर की तस्वीरें और वीडियो क्लिप्स साझा कीं, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई हैं। राजदूत ने करीब 5 सेकंड और 7 सेकंड की दो छोटी क्लिप्स पोस्ट कीं। हालांकि उन्होंने यात्रा का विस्तृत विवरण साझा नहीं किया, लेकिन वीडियो में उनके खुशी भरे पल और अनुभव साफ नजर आए। पोस्ट में उन्होंने खास तौर पर मेट्रो की साफ-सफाई, व्यवस्था और बेहतर संचालन की तारीफ की। उनके इस अनुभव ने एक बार फिर दिल्ली मेट्रो की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बन रही सकारात्मक छवि को उजागर किया है।

शेयर की गई पहली क्लिप में वह खान मार्केट मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-2 से मेट्रो स्टेशन में प्रवेश करती नजर आती हैं। वहीं दूसरी क्लिप में तेज रफ्तार से दौड़ती वायलेट लाइन मेट्रो को कैमरे में कैद किया गया है, जो कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन की ओर जाती दिखाई दे रही है। इसके बाद उनकी एक तस्वीर सामने आती है, जिसमें उनकी आंखों की चमक उनके अनुभव को बयां कर रही है। राजदूत ने शब्दों में भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए मेट्रो की साफ-सफाई, सुगठित संचालन और सुविधाओं की खुलकर तारीफ की।

दिल्ली मेट्रो में वीकेंड पर किए गए इस सफर के बाद उन्होंने लिखा, “इस वीकेंड पहली बार दिल्ली मेट्रो में सफर किया! तेज, साफ और बहुत ही बढ़िया। दिल्ली में घूमने-फिरने का एक शानदार तरीका। मुझे यह पहले ही कर लेना चाहिए था! मैं इसे दोबारा जरूर इस्तेमाल करूंगी।” राजदूत ने अपनी पोस्ट में कम शब्दों में ही खुशी, हल्का अफसोस और शानदार अनुभव को बखूबी समेट दिया। उनके इस बयान से साफ है कि दिल्ली मेट्रो की स्पीड, साफ-सफाई और सुविधाएं उन्हें बेहद पसंद आईं।

इसी साल जनवरी में जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची ने दिल्ली मेट्रो का दौरा किया था। इस दौरान दोनों केंद्रीय सचिवालय से पटेल चौक मेट्रो स्टेशन तक मेट्रो से यात्रा की। बाद में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने जानकारी दी कि यह दौरा भारत-जापान सहयोग के तहत हुआ था। खासतौर पर जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के जरिए मेट्रो निर्माण, संचालन और मेंटेनेंस में तकनीकी और वित्तीय सहयोग पर चर्चा हुई। इस दौरान जापानी प्रतिनिधियों ने दिल्ली मेट्रो की ड्राइवरलेस ट्रेनों, सुरक्षा मानकों और आधुनिक तकनीक की सराहना की।

जानकारी के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र की शांति मिशनों के तहत सैन्य टुकड़ी भेजने वाले 32 देशों के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली मेट्रो का सफर किया था। ये प्रतिनिधि राजधानी में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल होने आए थे। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली मेट्रो की अलग-अलग लाइनों पर यात्रा कर इसकी आधुनिक सुविधाओं, समयबद्ध संचालन और सुरक्षा व्यवस्था का अनुभव लिया।

इससे पहले जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और राजदूत ओनो केइची भी मेट्रो का दौरा कर चुके हैं और इसकी तकनीकी खूबियों की सराहना कर चुके हैं। लगातार विदेशी मेहमानों की सराहना से यह साफ है कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) द्वारा संचालित यह नेटवर्क विश्वस्तरीय सुविधाओं, स्वच्छता और सुरक्षा मानकों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मिसाल बनता जा रहा है।

यह प्रतिनिधिमंडल जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ केंद्रीय सचिवालय से लाल किला तक वायलेट लाइन पर सफर करता नजर आया। इस प्रतिनिधिमंडल में ऑस्ट्रेलिया, इटली, फ्रांस समेत कई देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि शामिल थे। सफर के दौरान सैन्य अधिकारियों ने दिल्ली मेट्रो की सुविधाजनक यात्रा, समयबद्ध संचालन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना की। साथ ही उन्होंने मेट्रो परियोजना के बेहतर कार्यान्वयन और प्रबंधन क्षमता को भी सराहा।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के अनुसार, मौजूदा समय में मेट्रो नेटवर्क में 4, 6 और 8 कोच वाली 300 से ज्यादा ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जो रोजाना लाखों यात्रियों को सुगम और तेज यात्रा का अनुभव देती हैं। डीएमआरसी का दावा है कि दिल्ली मेट्रो ने पर्यावरण के क्षेत्र में भी अहम योगदान दिया है। यह दुनिया का पहला ऐसा रेलवे प्रोजेक्ट बन गया है, जिसने ‘रीजेनरेटिव ब्रेकिंग’ तकनीक के जरिए कार्बन क्रेडिट हासिल किया। इस तकनीक के तहत ट्रेन ब्रेक लगाने के दौरान उत्पन्न ऊर्जा को दोबारा उपयोग में लाया जाता है, जिससे ऊर्जा की बचत होती है और कार्बन उत्सर्जन कम होता है।

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