भुवनेश्वर: मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को लोक भवन में गवर्नर हरि बाबू कम्भमपति से शिष्टाचार भेंट की। इस बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज भी उनके साथ थे।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि नेताओं ने राज्य से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और विकास संबंधी मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि गवर्नर का मार्गदर्शन सरकार को कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और ओडिशा के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रेरित करता रहता है।

सूत्रों ने संकेत दिया कि राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों में कुलपतियों (VCs) की लंबे समय से लंबित नियुक्तियों का मुद्दा भी चर्चा में शामिल हो सकता है। 13 विश्वविद्यालयों में कुलपतियों के चयन की प्रक्रिया नौ महीने से भी ज़्यादा समय से अधूरी पड़ी है, जबकि UGC के नियमों के अनुरूप विश्वविद्यालय कानूनों में संशोधन के बाद जून 2025 में आवेदन आमंत्रित किए गए थे।

इस देरी को लेकर विपक्षी नेताओं और शिक्षाविदों की ओर से आलोचना हो रही है, क्योंकि कई विश्वविद्यालय अभी भी कार्यवाहक कुलपतियों के अधीन काम कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि स्थायी नेतृत्व की कमी ने प्रशासन को प्रभावित किया है और शैक्षणिक निर्णय लेने की प्रक्रिया को धीमा कर दिया है।