रवि गोयल, सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती में सांवरिया आदिवासी परिवार ने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेता पर धमकी देने और ब्लैकमेलिंग का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने गोंगपा के नेता भानु चौहान के खिलाफ कलेक्टर और एसपी से शिकायत की है। पीड़ित परिवार का कहना है कि एक महीने पूर्व भी शिकायत की गई थी मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन अब परिवार सहित धरने में बैठने का फैसला लिया है।

पीड़ित राम सिंह का कहना है कि गोंडवाना पार्टी के नेता भानु चौहान उनको पिछले दो महीने से प्रताड़ित कर रहा है। उससे 5 लाख की मांग कर रहा है और नहीं देने पर उनकी जमीन को शासकीय मद में दर्ज कराने की धमकी दी गई है। वहीं दूसरी ओर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेता भानु चौहान इस आरोप को गलत बता रहे हैं मगर पिछले ढाई महीने से इसी बात को लेकर धरने में भी बैठे हुए हैं। उनकी मांग है सांवरिया आदिवासी परिवार की जमीन को शासकीय मद में दर्ज किया जाए। पूरे मामले में अधिकारियों का कहना है कि वो जमीन कई वर्षों से सवरिया आदिवासी परिवार के नाम पर है। किसी के दबाव में प्रशासन किसी गरीब के साथ अन्याय नहीं करेगा।

जानिए क्या है पूरा मामला

दरअसल सक्ती के ग्राम जेठा में सवरिया आदिवासी परिवार को सन 1982 के आसपास डेढ़ एकड़ जमीन आबंटित की गई थी, जिसे जरूरत पड़ने पर कुछ वर्ष पूर्व अपनी सवा एकड़ जमीन सक्ती के एक व्यापारी को बेच दी थी। इसी जमीन को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेता शासकीय घोषित करने की मांग कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह जमीन उन सवरिया आदिवासी परिवार को आबंटित हुई है, उसे शासकीय मद में दर्ज नहीं किया जा सकता। ये उन गरीब परिवार के साथ अन्याय होगा, ये हम नहीं करेंगे।

गरीब परिवार के साथ अन्याय नहीं कर सकते : कलेक्टर

इस मामले में कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने कहा, गोंडवाना पार्टी के लोग उक्त जमीन को शासकीय मद में दर्ज करने की मांग कर रहे, जो संभव नहीं है। हम किसी भी आदिवासी को भूमिहीन नहीं कर सकते। वे गरीब परिवार के लोग हैं। उनके साथ अन्याय नहीं कर सकते।

सारे आरोप झूठे, फंसाने की कोशिश कर रहे : गोंगपा नेता

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेता भानु चौहान का कहना है कि मेरे ऊपर जो आरोप लगे हैं वो झूठे हैं। मुझे फंसाने की कोशिश की जा रही है।

शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई : पीड़ित परिवार

पीड़ित राम सिंह का कहना है कि गोंडवाना पार्टी का नाम लेकर भानू चौहान पिछले दो महीने से हमें प्रताड़ित कर रहा है। पहले हमको धमकाते हुए 5 लाख की मांग की ओर पैसे नहीं दिए तो अब हमारी जमीन को सरकारी घोषित कराने के लिए धरने पर बैठा है। इसकी शिकायत हमने एक महीने पहले थाने में की थी। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब मजबूरन हम सब अपने परिवार के साथ धरने पर बैठने जा रहे हैं।