Bastar News Update: बस्तर। इस बार चैत्र नवरात्रि सिर्फ आस्था का पर्व नहीं, बल्कि दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग के कारण और विशेष बन गई है। आज यानी 19 मार्च से शुरू हुए इस पर्व में शुक्ल योग और ब्रह्म योग का संयोग श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत फलदायी माना जा रहा है।

नगर के प्रमुख मंदिरों में ज्योति कलश स्थापना की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखा जा रहा है। धार्मिक मान्यता है कि इस नवरात्रि में किए गए पूजा-पाठ का फल कई गुना प्राप्त होता है। घर-घर में कलश स्थापना के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है, जिसमें जंवारा बोने की परंपरा भी निभाई जाएगी।

श्रद्धालु अखंड ज्योति प्रज्वलन की तैयारियों में भी जुटे हैं। पंडितों के अनुसार सुबह के शुभ मुहूर्त में पूजा करना अधिक लाभकारी रहेगा, जबकि राहुकाल (दोपहर 2 से 3:30 बजे) में पूजा से बचने की सलाह दी गई है।

बता दें कि इस बार 20 मार्च से सर्वार्थ सिद्धि योग भी लगने जा रहा है, जिसे नए कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में देवी के नौ रूपों की आराधना का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इसी काल में भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था, जिससे पर्व की महत्ता और बढ़ जाती है। ग्रामीण अंचलों में भी इस पर्व को लेकर पारंपरिक उत्साह और तैयारी देखने को मिल रही है।

21 से 25 मार्च तक बंद रहेगा राशन वितरण

बस्तर जिले में राशन वितरण प्रणाली 21 मार्च से 25 मार्च तक अस्थायी रूप से बंद रहेगी। यह कदम सॉफ्टवेयर अपडेट और नए वित्तीय वर्ष की तैयारी के कारण उठाया गया है। इस दौरान सर्वर बंद रहने के कारण राशन वितरण संभव नहीं होगा।

खाद्य विभाग ने दुकानों और हितग्राहियों को पहले से जानकारी देने के निर्देश जारी किए हैं। राशन दुकानों पर सूचना चस्पा की जा रही है, जबकि मोबाइल और अन्य माध्यमों से भी लाभार्थियों को जानकारी दी जा रही है। हितग्राहियों को 21 मार्च से पहले राशन लेने की सलाह दी गई है।

इस अवधि में कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। 26 मार्च से राशन वितरण सामान्य रूप से पुनः शुरू हो जाएगा। अचानक बंदी से नागरिकों को असुविधा हो सकती है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर अधिक देखा जा सकता है। प्रशासन ने समय रहते सतर्क रहने और आवश्यक राशन पहले से लेने की अपील की है। खाद्य विभाग ने इसे जरूरी और अस्थायी प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।

सरकारी कर्मचारियों का शक्ति प्रदर्शन, मांगें न माने जाने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

जगदलपुर। सरकारी कर्मचारियों ने सोमवार को अपनी मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट का घेराव किया। सैकड़ों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए और महंगाई भत्ते की लंबित एरियर्स को मुख्य मुद्दा बनाया। कर्मचारियों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों के साथ ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। रैली में महिला कर्मचारियों की भी बड़ी संख्या में भागीदारी रही।

प्रदर्शन में कर्मचारियों ने खाली पदों के कारण काम का बोझ बढ़ने की समस्या उठाई। उनका दावा है कि लगभग 60 प्रतिशत पद रिक्त हैं। इसके अलावा, सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की मांग भी प्रमुख रही। कर्मचारियों ने सरकार पर पुराने वादे पूरे न करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी का माहौल गरमाया रहा। कर्मचारियों ने विधानसभा में मुद्दा न उठने पर भी नाराजगी जताई। इस प्रदर्शन को आगे बड़े आंदोलन का संकेत माना जा रहा है।

मौसम बदला, किसानों और वनोपज संग्राहकों की चिंता बढ़ी

बस्तर। क्षेत्र में मौसम का मिजाज बदला है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। लेकिन इस बदलाव ने किसानों और वनोपज संग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती प्रभाव के चलते कई इलाकों में बारिश और अंधड़ देखा गया, जबकि कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।

इसका सीधा असर महुआ और इमली जैसे वनोपज पर पड़ रहा है। महुआ के फूल गिरने का समय होने के कारण नुकसान की संभावना बढ़ गई है, जबकि इमली के दाम में गिरावट देखी जा रही है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। तेज हवाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में परेशानी बढ़ी है, हालांकि तापमान में गिरावट से लोगों को कुछ राहत मिली है।

विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम साफ हो सकता है, लेकिन फिलहाल राहत और नुकसान के बीच संतुलन की स्थिति बनी हुई है। बदलता मौसम बस्तर की अर्थव्यवस्था और वनोपज पर सीधा असर डालता दिख रहा है।

सुरनार गांव में सड़क की बदहाल स्थिति से ग्रामीण परेशान, स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित

दंतेवाड़ा। जिले के सुरनार गांव में सड़क की समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। गांव के पारा मोहल्ले तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को 7–8 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। बीमार मरीजों को कांवड़ में उठाकर मुख्य सड़क तक लाया जाता है, जिससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा भी प्रभावित हो रही है।

बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। नाले पर पुलिया नहीं होने के कारण आवागमन और कठिन हो गया है। ग्रामीण कई बार प्रशासन से सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं, लेकिन शिविरों और कलेक्टर कार्यालय में आवेदन देने के बावजूद अभी तक कोई समाधान नहीं निकला।

ग्राम पंचायत के पास पर्याप्त बजट नहीं होने और मुरुम सड़क तक नहीं बनने के कारण लोगों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत सड़क निर्माण की मांग दोहराई है और सरकारी लापरवाही पर नाराजगी जताई है। स्थानीय लोग इसे ग्रामीण विकास की हकीकत बताते हुए उचित समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।

दौड़ेगा बस्तर, जीतेगा सम्मान” – हेरिटेज मैराथन बना बस्तर का आकर्षण केंद्र

बस्तर। बस्तर में खेल और संस्कृति का संगम बनने जा रहा है, जहां 22 मार्च को हेरिटेज मैराथन आयोजित की जाएगी। इस आयोजन में देशभर के धावकों की भागीदारी देखने को मिलेगी। 42 किमी की फुल मैराथन इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगी, जिसमें विजेताओं को लाखों रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे। कुल 25 लाख रुपए की इनामी राशि खिलाड़ियों को खासा आकर्षित कर रही है। इसके अलावा, 21 किमी की हाफ मैराथन और 10–5 किमी के फन रन कार्यक्रम भी शामिल हैं।

स्थानीय खिलाड़ियों के लिए “बस्तर कैटेगरी” रखी गई है, जिससे क्षेत्रीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच मिलने की उम्मीद है। दौड़ की शुरुआत लालबाग मैदान से होगी। प्रतिभागियों के लिए ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है और प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।

यह आयोजन न केवल खेल और प्रतिस्पर्धा का अवसर देगा, बल्कि बस्तर की सकारात्मक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देने में भी मदद करेगा। खेल के माध्यम से बस्तर को नई पहचान दिलाने की कोशिश साफ झलक रही है।

जगदलपुर: विकास बनाम विवाद – नगर निगम की बैठक फिर शोरगुल में उलझी

जगदलपुर। नगर निगम की सामान्य सभा एक बार फिर विकास से ज्यादा विवादों के कारण सुर्खियों में रही। 12 अहम बिंदुओं पर चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक आरोप-प्रत्यारोप में उलझ गई। विपक्ष ने निगम प्रशासन पर पारदर्शिता की कमी और सवालों का जवाब न देने का आरोप लगाया। बैठक में मुख्य रूप से पेयजल संकट और रोड स्वीपिंग मशीन जैसे मुद्दे ही चर्चा के केंद्र में रहे। नेता प्रतिपक्ष ने बहुमत के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

महापौर ने विपक्ष पर विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाया। बैठक में अवैध जल कनेक्शन का मुद्दा भी गरमाया, जिसमें जुर्माने और वसूली को लेकर तीखी बहस हुई। नगर निगम के अनुसार, शहर में 5 करोड़ से अधिक बकाया राशि है।

बैठक में एनजीओ के जरिए सफाई व्यवस्था लागू करने और अमृत मिशन योजना को फिर से शुरू करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई, जिससे जल व्यवस्था सुधारने की उम्मीद जताई गई।

बैठक के दौरान कई बार शोरगुल और हंगामा देखने को मिला। अंततः अधिकांश प्रस्ताव सत्ता पक्ष के समर्थन से पारित हो गए। पूरी बैठक में जनहित से ज्यादा राजनीतिक टकराव हावी रहा।

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