अतीश दीपंकर/भागलपुर। जिले में सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा देने और प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) को व्यावसायिक रूप से सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सहकारिता विभाग द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, द भागलपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) कुंदन कुमार और नाबार्ड के जिला प्रबंधक द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

​परंपरागत बैंकिंग से आगे बढ़ने का आह्वान

​कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि पैक्स सहकारिता ढांचे की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अब समय आ गया है जब पैक्स केवल ऋण वितरण और वसूली तक सीमित न रहकर खुद को एक बहुआयामी व्यावसायिक केंद्र के रूप में स्थापित करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा पैक्सों को आर्थिक रूप से इतना सक्षम बनाना है कि वे भविष्य के परिवर्तनों को समझते हुए नए क्षेत्रों में नेतृत्व कर सकें।

​व्यावसायिक विविधीकरण और नई योजनाएं

​जिलाधिकारी ने बताया कि धान और गेहूं अधिप्राप्ति के कार्य ने पैक्सों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार किया है। अब इसे और विस्तार देते हुए पैक्सों को मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), जन औषधि केंद्र, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र और पेट्रोल पंप जैसे व्यवसायों से जोड़ा जा रहा है। विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत जिले में 1500 मीट्रिक टन से लेकर 10,000 मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों का निर्माण किया जा रहा है, जो किसानों की उपज को सुरक्षित रखने में मील का पत्थर साबित होंगे।

​डिजिटलीकरण और नवाचार पर जोर

​तकनीकी सुदृढ़ीकरण का उल्लेख करते हुए बताया गया कि नाबार्ड के सहयोग से भागलपुर के कुल 160 पैक्सों में कंप्यूटरीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसके अलावा, जिले में बकरी पालन समिति, मधुमक्खी पालन समिति और किसान उत्पादक संगठन (FPO) जैसे नए प्रयोग शुरू किए गए हैं। साथ ही, 28 जीविका समूहों को स्वावलंबी समिति के रूप में निबंधित कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा गया है।

​प्रशिक्षण से धरातल तक का सफर

​अंत में, जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण ले रहे प्रतिनिधियों से अपील की कि वे विषय विशेषज्ञों से मिले ज्ञान को धरातल पर उतारें। उन्होंने आश्वासन दिया कि सहकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में जिला प्रशासन हमेशा उनके सहयोगी के रूप में खड़ा रहेगा।