दुर्ग। शिकायत में कहा गया है कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिकार अधिनियम के प्रावधान 12 (सी) का उल्लंघन कर दुर्ग जिले में स्थित 25 प्रतिशत से अधिक सीटें आरक्षित कर नियम विरूद्ध प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान किया गया है. जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच टीम को निर्देशित किया है कि उभय पक्षों को जांच में शामिल करते हुए प्रकरणों की विस्तृत जांच करें एवं सम्यक जांच प्रतिवेदन अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष अनिवार्यत प्रस्तुत करें, ताकि प्रकरण के निराकरण से उच्च कार्यालय को समयावधि में अवगत कराया जा सके.

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आरटीई के तहत जिले के निजी विद्यालयों के प्रारंभिक कक्षाओं में निश्चित सीट का 25% आरक्षित किए जाने का प्रावधान है. इन्हीं 25% सीटों पर गरीब व मध्यम तपके के बच्चों को एडमिशन दिया जाता है. इसके लिए निजी विद्यालय के प्रबंधकों को प्रावधान के मुताबिक प्रति छात्र वार्षिक शुल्क 7000 रुपए से 15000 रुपए, गणवेश 541 रुपए तथा पाठ्य पुस्तक 250 रुपए से 450 रुपए भुगतान के लिए प्रतिपूर्ति राशि शासन द्वारा जारी किया जाता है.

शिकायत 25% से ज्यादा सीटों के आरक्षित करने का है. लिहाजा यह मामला प्रतिपूर्ति राशि के अधिक भुगतान का है. शिकायतकर्ता भगवंत राव का कहना है कि करीब 1 से 8 लाख का अधिक भुगतान किए जाने का अंदेशा है. उन्होंने बताया कि इस दायरे में 38 निजी स्कूल शामिल है. यह बता दें कि सत्र 2023-24 में आरटीई की कुल 5189 सीट थी. प्रथम चरण 3419 तथा द्वितीय चरण 811 बच्चों का स्कूलों में दाखिला हुआ था.

जांच टीम में ये अधिकारी व प्राचार्य – विनोद सिन्हा डीएमसी समग्र शिक्षा, तनवीर अकील सहायक जिला क्रीड़ा अधिकारी, सोमेन कुंडू प्राचार्य कुगदा, डालेंद्र कुमार देवांगन बीईओ पाटन, प्रदीप कुमार महिलांगे एबीईओ, कैलाश कुमार साहू एबीईओ, कुंती जोगी प्राचार्य लिमतरा, रचना झा प्राचार्य गिरहोला, संगीता देवांगन एबीईओ, नीलिमा गजपाल प्राचार्य धनोरा सहित कार्यालय के अन्य स्टाफ शामिल है.

गैस एजेंसी में जांच के दौरान मिली गड़बड़ी 961 नग खाली एवं भरा हुआ सिलेंडर जब्त

दुर्ग। जिले के एक और गैस एजेंसी में जांच के दौरान गड़बड़ी सामने आई है. खाद्य महकमा की टीम ने गोल्डन गैस एजेंसी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. जहां गड़बड़ी सामने आने पर कुल 961 नग खाली एवं भरा हुआ रसोई गैस सिलेंडर जप्त किए गए हैं.

गौरतलब है कई गैस एजेंसियों में बुकिंग के बाद भी समय पर सिलेंडर नहीं मिलने की शिकायतें आ रही है जिसके मद्देनजर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय, नवा रायपुर से प्राप्त निर्देशों के परिपालन में जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों तथा पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता एवं आपूर्ति व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है. इसी कड़ी में पद्मनाभपुर स्थित गोल्डन भारत गैस की भी निरंतर शिकायतें खाद्य महकमा को मिल रही थी . प्राप्त शिकायत पर खाद्य विभाग के जांच दल द्वारा जांच की गई.

खाद्य नियंत्रक अनुराग सिंह भदौरिया से मिली जानकारी के मुताबिक गोल्डन गैस एजेंसी एक भागीदार फर्म है जिसके 2 भागीदार मोहन लाल धुव्र एवं अंशुमन मढरिया है. जांच में भौतिक सत्यापन में स्टाक में अंतर पाया गया इसके आधार पर घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किग्रा) खाली 838 एवं भरे 48 नग, व्यावसायिक सिलेंडर (19 किग्रा) खाली 63 नग तथा 5 किग्रा सिलेंडर 22 नग (खाली) भागीदार अंशुमन मढरिया से जप्त किया गया.

भदौरिया का कहना है कि प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिले में एलपीजी गैस तथा पेट्रोल- डीजल की आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. इसके लिए विभाग द्वारा लगातार जांच की कार्रवाई जारी है आगे भी निरंतर जांच जारी रहेगा.

एसईएसबीएफ को बंद करने के निर्णय के विरोध में सीटू ने किया प्रदर्शन

भिलाईनगर। एसईएसबीएफ के प्रबंध न्यासियों की 2 फरवरी को कोलकाता में हुई 86वीं बैठक की कार्यवाही एवं उसके बाद प्रबंधन द्वारा जारी किये गए परिपत्र 05 मार्च 2026 पर कड़ी आपत्ति करते हुए सीटू ने बोरिया गेट में प्रदर्शन किया एवं औद्योगिक संबंध विभाग, भिलाई इस्पात संयंत्र के माध्यम से सेल के निदेशक कार्मिक को दिये पत्र में लिखकर इस विषय पर तत्काल एनजेसीएस की बैठक बुलाकर कर्मचारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की.

प्रदर्शन के दौरान सीटू नेता ने कहा कि पिछले 15 दिनों से शेयर मार्केट लगातार गिर रहा है. लोगों के 62 लाख करोड रुपए मार्केट में डूब चुका है. ऐसे में एसईएसबीएफ ट्रस्ट को बंद करके उसके पैसे को एनपीएस में डालने का मतलब है कि हमारे मेहनत का पैसा जो एकत्रित होकर 2400 करोड रुपए जमा है उसको बाजार जोखिम के हवाले कर देना है. और इस विषय पर प्रबंधन ना तो सर्वसम्मति बन पाया है ना ही उन कमर्चारियों से पूछना अथवा विकल्प देना चाहता है जिनका पैसा एकत्रित होकर इस फंड में जमा हुआ है.

सीटू नेताओं ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार लगातार कमियों के पैसे को बाजार के हवाले कर रही है इसने सबसे पहले सीपीएफ के पैसे में से 5% से 15% तक मार्केट में डालने का निर्णय लेकर सभी एक्जम्प्टेंड ट्रस्ट पर थोप दिया. उसके बाद सेल के कामगारों के लिए बना पेंशन ट्रस्ट को समाप्त करवा कर कर्मचारियों के 6% एवं अधिकारियों के 9% से जमा हो रहे फंड को एनपीएस में डलवा दिया अब एसईएसबीएफ के पैसे को भी एनपीएस के हवाले कर देना चाहता है.

नायब तहसीलदार ने कुम्हार का परंपरागत काम कराया बंद

उतई। कुम्हार का परम्परागत काम करने वाले याचिकाकर्ता को नायब तहसीलदार ने अपने एक आदेश से रोक दिया. आजीविका रोके जाने के मामले में सुनवाई कर हाईकोर्ट ने नायब तहसीलदार के आदेश पर स्थगन किया है. साथ ही कलेक्टर दुर्ग समेत प्रतिवादी अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

कुमोद प्रजापति पिता हिरालाल प्रजापति जाति कुम्हार निवासी ग्राम कौही तहसील पाटन जिला दुर्ग ने उच्च न्यायलय में नायब तहसीलदार पाटन जिला दुर्ग द्वारा दिए स्थगन आदेश 26 फरवरी 2026 के विरुद्ध उच्च न्यायलय में अपने अधिवक्ता – नसीमुद्दीन अंसारी एवं खेमचंद प्रजापति के माध्यम से याचिका प्रस्तुत की. सुनवाई करते हुए उच्च न्यायलय ने नायब तहसीलदार पाटन के आदेश को स्तगित करते हुए याचिकाकर्ता के पक्ष में स्थगन प्रदान किया है.

दस लाख तक रायल्टी से मुक्त बोर्ड अध्यक्ष द्वारा मुख्यमंत्री के 22 अगस्त 2015 को माटीकला समक्ष मांग करने पर यह आदेश दिया गया कि कुम्हार जाति द्वारा पारिवारिक पेशा इंट मिट्टी के बर्तन बनाये जाने के लिए उन्हें किसी भी प्रकार की दस लाख तक रायल्टी से मुक्त रखा गया है. सार्वजानिक स्थान से सभी दिशाओं से 50 मीटर तक निर्माण नहीं किया जायेगा. 50 मीटर को छोड़कर निर्माण के अनुमति दी गई है.

याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं ने बताया कि, 26 सितंबर 2006 को अवर सचिव ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिया कि प्रत्येक ग्राम पंचायतों में कुम्हारों के लिए 5 एकड़ भूमि आरक्षित की जाये. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 237 अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत क्षेत्र में कुम्हारों के लिए 5 एकड़ भूमि आरक्षित की जाये, लेकिन आज तक अवर सचिव के आदेश का पालन नहीं किया गया है.

बिना नोटिस- बिना सुनवाई दिया स्थगन आदेश – याचिकाकर्ता का परिवार कई पीढियां से मिट्टी के बर्तन कवेलू, ईंट, सुराही, मटका आदि बनाता आ रहा है. गांव के हेमलाल सोनकर पिता कृष्ण कुमार सोनकर उपसरपंच एवं मोहन लाल देवांगन हेडमास्टर पूर्व माध्यमिक शाला कौही पाटन ने झूठी शिकायत कर दी. इससे याचिकाकर्ता के पीढ़ी दर पीढ़ी चल रहे इस काम पर नायब तहसीलदार ने रोक लगा दी. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने उच्च न्यायलय को बताया कि नायब तहसीलदार पाटन दुर्ग की कार्यवाही विधि विरुद्ध है क्योंकि बिना नोटिस और बिना सुनवाई का मौका दिए सीधा स्थगन कर दिये थे.

हाईकोर्ट ने जाहिर की नाराजगी – हाईकोर्ट ने इस पर खनिज विभाग के अधिकारी एवं नायब तहसीलदार पाटन पर नाराजगी व्यक्त की. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद उच्च न्यायलय ने कलेक्टर दुर्ग, तहसीलदार, पाटन खनिज विभाग, उप सरपंच एवं अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई तक जवाब मांगा है. पाटन तहसील के नायब तहसीलदार के स्थगन पर याचिकाकर्ता के पक्स्ग में रोक लगा दी है.

सीलबंदी से बचने के लिए बार संचालक ने तुंरंत जमा किए सवा दो लाख

दुर्ग। निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत आज आयुक्त सुमित अग्रवाल के सख्त निर्देश पर नगर निगम की लाइसेंस शाखा एवं राजस्व विभाग की टीम न्यू बस स्टैंड स्थित पंजाब बार को सीलबंद करने पहुंची. निगम की इस सख्त कार्रवाई के मद्देनज़र बार संचालक में हड़कंप मच गया और सीलबंदी की कार्रवाई से बचने के लिए उसने तत्काल पांच वर्षों का लंबित अनुज्ञा शुल्क, कुल 2 लाख 25 हजार रुपये, मौके पर ही जमा कर दिया.

उल्लेखनीय है कि पंजाब बार द्वारा पिछले पांच वर्षों से अनुज्ञा शुल्क जमा नहीं किया गया था. नगर निगम द्वारा इस संबंध में तीन बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन संचालक की ओर से न तो कोई जवाब दिया गया और न ही शुल्क जमा करने की पहल की गई. कार्रवाई के दौरान राजस्व निरीक्षक चंदन मनहरे, अतिक्रमण अधिकारी परमेश्वर, पवन नायक, तिलक नवरंग, आशीष तिवारी, मुकेश पटेल सहित निगम का अमला उपस्थित रहे.

खेत में काम कर रहे किसान ने जहर खाकर की आत्महत्या

छुरिया। खेत में काम कर रहे एक किसान ने जहर सेवन कर आत्महत्या कर ली. मामला ग्राम नवागांव पिनकापार का बताया जाता है. किसान द्वारा जहर सेवन किए जाने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है . पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है. घटना की जांच की जा रही है.

मृतक के परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस ने बताया कि ग्राम नवागांव पिनकापार निवासी किसान मोहन बंजार पिता पलटन बंजार प्रतिदिन की तरह आज शुक्रवार की दोपहर भी अपनी पत्नी के साथ खेत में काम कर रहा था.

बताया जाता है कि दोपहर बाद वह पत्नी से कुछ समय के लिए अलग हुआ. थोड़ी देर के बाद वह खेत में बेसुध पड़ा हुआ मिला. उसके मुंह से झाग निकल रहे थे एवं दुर्गंध आ रही थी . यह देखकर उसके भाई भागचंद बंजार ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से उसे इलाज के लिए छुरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां जांच उपरांत चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

पुलिस के अनुसार किसान ने जहर सेवन क्यों किया, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है. फिलहाल मर्ग कायम कर लिया गया है. पोस्टमार्टम शनिवार को किया जाएगा. किसान द्वारा खेत में काम करते समय आत्महत्या किये जाने की नगर में आज दिनभर चर्चा होती रही .

जमीन रजिस्ट्री में आई कमी, लेकिन राजस्व में हुई बढ़ोतरी

राजनांदगांव। पिछले साल से इस बार जमीन के कारोबार में कमी आई है. हालांकि, राजस्व में जरूरत बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है . इस कम रजिस्ट्री के आंकड़ों को पूरा करने शासन ने शनिवार और रविवार सहित अन्य अवकाश के दिनों में भी रजिस्ट्री किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं.

छत्तीसगढ़ शासन के महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम माह में राजस्व संग्रहण और नागरिकों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए अवकाश के दिनों में भी पंजीयन कार्यालयों को खुला रखने का निर्देश दिया गया है. शासन की मंशा के अनुरूप आगामी छुट्टियों के दौरान पंजीयन कार्य की प्रक्रिया जारी रहेगी. जारी अधिसूचना के अनुसार, मार्च माह में पक्षकारों द्वारा कराए जाने वाले पंजीयन की अधिक संख्या को देखते हुए मार्च माह के चतुर्थ रविवार 22 मार्च 2026, अंतिम शनिवार 28 मार्च 2026, अंतिम रविवार अवसर पर 31 मार्च 2026 को भी सभी पंजीयन कार्यालयों में कामकाज सामान्य रूप से संचालित होगा.

विभागीय अवकाश के दिनों में भी उप पंजीयक कार्यालयों में दस्तावेजों के पंजीयन की प्रक्रिया सुनिश्चित की गई है. साथ ही जिला पंजीयक, कोषालय अधिकारी और भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों को 31 मार्च तक बैंकों में शासकीय लेनदेन सुचारू रखने हेतु यथोचित निर्देशित किया गया है. आम जनता की सुविधा के लिए स्टॉक होल्डिंग कार्पोरेशन को ई-स्टाम्पों की निरंतर आपूर्ति और एनआईसी को सुचारू तकनीकी व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं.

राजनांदगांव मुख्यालय में ही गिरा बाजार राजनांदगांव तहसील मुख्यालय में ही पिछले साल से 6 करोड़ 81 लाख की कम रजिस्ट्री हुई है. पिछले साल यहां 78 करोड़ 14 लाख रूपए था, जो इस बार घटकर 71 करोड़ 32 लाख रूपए हो गया. इसी तरह डोंगरगढ़ तहसील में 6 करोड़ 75 लाख से गिरकर इस बार 6 करोड़ 68 लाख रूपए रह गया. गंडई में 3 करोड़ 45 लाख से गिरकर इस बार 3 करोड़ 5 लाख रह गया. हांलाकि बाकी के छह तहसील में राजस्व अधिक मिले है.

इसमें खैरागढ़ में पिछले साल 10 करोड़ 66 लाख था, जो बढ़कर इस बार 13 करोड़ 96 लाख हो गया. छुईखदान 53 लाख 27 हजार से बढ़कर इस बार 61 लाख 70 हजार हो गया. डोंगरगांव 4 करोड़ 15 लाख से बढ़कर 6 करोड़ 87 लाख और छुरिया में 1 करोड़ नौ लाख की बढ़ोत्तरी, मोहला में भी 93 लाख का राजस्व में पिछले साल से इजाफा दर्ज किया गया है.

मिली जानकारी अनुसार पिछले साल फरवरी माह तक जहां 22270 रजिस्ट्री दर्ज की गई थी, वही इस बार यह आंकड़ा 21412 तक सिमट गया. हांलाकि कलेक्टर दर में रेट बढ़ाए जाने के चलते राजस्व में कम हुआ जमीन का कारोबार बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. पिछले साल फरवरी माह तक 109 करोड़ 29 लाख रूपए राजस्व प्राप्त किया गया था. जबकि इस बार 111 करोड़ 78 लाख रूपए का राजस्व मिला है. जो पिछले साल से 2 करोड़ 49 लाख रूपए ज्यादा हैं. उल्लेखनीय है कि, विगत बीस नवंबर को राज्य सरकार द्वारा डेढ़ सौ प्रतिशत तक जमीन के रेट बढाए गए थे.

तीन हजार निरक्षर कल साक्षर बनने देंगे परीक्षा

राजनांदगांव। आगामी 22 मार्च को परीक्षा महाअभियान की शुरूआत की जा रही है. जिले में इसके तहत तीन हजार निरक्षण परीक्षा में शामिल होगें. इसके लिए 15 से अधिकतम आयु तक के बुजूर्ग शामिल होगें. इसके लिए 137 परीक्षा केन्द्र बनाए गए है. प्रशासन द्वारा परीक्षा को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां की गई हैं. जानकारी अनुसार इस परीक्षा महाअभियान के तहत मोहल्ले, गांव और बस्तियों में एक भी व्यक्ति निरक्षर न रहे इस उद्देश्य के शामिल तहत सभी को परीक्षा में करने का लक्ष्य रखा गया है.

जिला परियोजना अधिकारी रश्मि सिंह ने बताया कि, उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम, नई शिक्षा नीति के तहत संचालित एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य समाज में आजीवन सीखने की भावना विकसित करना, शिक्षा को सभी के लिए सुलभ बनाना तथा निरक्षरों को साक्षर बनाकर उन्हें ज्ञान और कौशल से जोड़ना है. इसी क्रम में कार्यक्रम से जुड़े शिक्षार्थियों के लिए बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा (एफएलएनएटी) का आयोजन आगामी 22 मार्च दिन रविवार को किया जाएगा.

परीक्षा में शिक्षार्थी अपनी सुविधा अनुसार प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच शामिल हो सकते हैं, जिसके लिए प्रत्येक शिक्षार्थी को 3 घंटे का समय दिया जाएगा. इस अभियान में सहभागी बनें और अधिक से अधिक लोगों को परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रेरित करें, ताकि जिले को पूर्णतः साक्षर बनाया जा सके.

ई-चालान जमा करने के लिए 1 अप्रैल से लागू होगी ओटीसी सुविधा

राजनांदगांव। जिला कोषालय अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार भौतिक चालानों की व्यवस्था समाप्त कर अब ई-चालान को बढ़ावा देने के लिए ओटीसी सुविधा 1 अप्रैल 2026 से लागू की जाएगी. नई व्यवस्था के तहत सभी चालान अब केवल ऑनलाईन माध्यम से जमा के किए जाएंगे. इस संबंध में जिले सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को चालान जमाकर्ताओं को ई-चालान प्रक्रिया से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं.

ओटीसी सुविधा अंतर्गत ई-चालान पोर्टल पर चालान भरते समय उसका डेटा सीधे बैंक को ऑनलाईन ट्रांसफर हो जाएगा, जिससे बैंक स्तर पर दोबारा डेटा प्रविष्टि की आवश्यकता नहीं रहेगी. बैंक काउंटर पर केवल ऑनलाईन जनरेटेड चालान, जिसमें ट्रेजरी रेफरेंस नंबर दर्ज होगा. इसके माध्यम से राशि जमा की जाएगी. एमआईएस के माध्यम से कोषालय में इसके बाद बैंक द्वारा यह जानकारी ऑनलाईन प्रस्तुत की जाएगी.

इस नई व्यवस्था से डेटा प्रविष्टि में होने वाली त्रुटियों में कमी जाएगी और लेखांकन प्रक्रिया अधिक सटीक एवं पारदर्शी बनेगी. ई-चालान पोर्टल के सर्च प्लान विकल्प के माध्यम से जमाकर्ता आसानी से चालान का प्रिंट निकाल सकेंगे. यह पहले भौतिक चालान में संभव नहीं था .

पानी पाउच के 606 बोरी को नमूना संकलन कर किया गया जप्त

राजनांदगांव। कलेक्टर के निर्देशानुसार खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम द्वारा जनसामान्य तक सही गुणवत्ता की खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर कार्रवाई की जा रही लगातार है. इसी कड़ी में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी साधना चंद्राकर के नेतृत्व में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम द्वारा डोंगरगढ़ तहसील के ग्राम नागतराई में संचालित फर्म हाइड्रावेडॉ एक्वा का औचक निरीक्षण किया गया.

निरीक्षण के दौरान जांच करने बिना अनुज्ञप्ति के प्रतिष्ठान का संचालन, लेबल प्रतिष्ठान में विनिर्मित पानी के पर विनिर्माता का पता मिथ्या एवं भ्रामक तथा विनिर्मित पानी का लेबल नियमानुसार नहीं पाया गया. टीम द्वारा मौके पर विनिर्मित एवं विक्रय हेतु भंडारित खाद्य हिन्द पानी पाउच (200 मिली प्रति पाउच ) के कुल 606 बोरी को नमूना संकलन कर जप्त किया गया. सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रकरण को लैब की जांच रिपोर्ट एवं विवेचना पूर्ण कर शीघ्र ही प्रस्तुत किया जाएगा.

वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती साधना चंद्राकर ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा नागरिकों तक सही गुणवत्ता की खाद्य पदार्थ पहुंचाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने खाद्य कारोबारकर्ताओं से नागरिकों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत अपने प्रतिष्ठान में सुरक्षित और सही गुणवत्ता के खाद्य सामग्री का ही विक्रय, भंण्डारण, प्रदर्शन एवं विनिर्माण करने की अपील की है.