RBSE 10th Result 2026: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने आज दोपहर 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के नतीजे घोषित कर दिए हैं। बता दें कि इस साल कुल 94.23% छात्र पास हुए हैं। जैसे ही रिजल्ट का लिंक एक्टिव हुआ, साइबर कैफे से लेकर घरों तक हलचल तेज हो गई। दरअसल, हर बार की तरह इस बार भी बोर्ड ने आधिकारिक टॉपर लिस्ट तो जारी नहीं की है, लेकिन जिलावार आंकड़ों ने सबको हैरान कर दिया है।

शेखावाटी की बादशाहत, कोटा को लगा झटका

ग्राउंड सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार नतीजों में शेखावाटी बेल्ट (झुंझुनूं, सीकर) का एकतरफा दबदबा देखने को मिला है। गौरतलब है कि झुंझुनूं 97.77% के साथ पूरे प्रदेश में नंबर-1 पर रहा है। वहीं, सीकर 97.43% के साथ दूसरे और नागौर 97.09% के साथ तीसरे स्थान पर काबिज है। ताज्जुब की बात यह है कि पढ़ाई का हब माना जाने वाला कोटा इस बार टॉप-5 में भी जगह नहीं बना पाया और 89.25% पर ही सिमट गया।

बेटियों ने फिर लहराया परचम

नतीजों में एक बार फिर लाडलियों का जलवा रहा। आंकड़ों पर गौर करें तो छात्राओं का पास प्रतिशत 94.90% रहा। वहीं 93.63% छात्रों ने सफलता हासिल की। करीब 1.99 लाख छात्राओं ने फर्स्ट डिवीजन हासिल कर इतिहास रच दिया है।

स्किल एजुकेशन और सरकारी स्कूलों का कमाल

इस बार की सबसे बड़ी खबर यह है कि सरकारी स्कूलों के बच्चों ने प्राइवेट स्कूलों को कड़ी टक्कर दी है। खैराबाद ब्लॉक जैसे ग्रामीण इलाकों से अल्का कुमारी (97.83%) और तनीषा (96.17%) जैसी बेटियों ने टॉप कर साबित कर दिया कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। साथ ही, इस बार छात्रों का रुझान प्लंबर और इलेक्ट्रिकल जैसे स्किल विषयों की ओर भी खूब दिखा, जहां सफलता दर 98% से ऊपर रही।

नतीजों के बाद जयपुर और जोधपुर जैसे बड़े शहरों के पेरेंट्स के बीच अब करियर काउंसलिंग को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। शेखावाटी की इस बड़ी जीत ने राज्य के शिक्षा मॉडल को एक नई दिशा दी है, जबकि कोटा के गिरते ग्राफ ने वहां के कोचिंग संस्थानों और स्कूलों की चिंता बढ़ा दी है। अब प्रशासन और शिक्षा विभाग कोटा जैसे शहरों में गिरते स्तर की समीक्षा करने की तैयारी में है।

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