अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास। सासाराम में आज गुरुवार (26 मार्च) को बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ सम्राट अशोक की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर शहर में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई, जो बेदा सूर्य मंदिर से धर्मशाला मोड़ तक पहुंची। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और जगह-जगह पुष्प वर्षा कर सम्राट अशोक को नमन किया गया। धर्मशाला मोड़ पर सम्राट अशोक की प्रतिमा का सासाराम मेयर काजल कुमारी के द्वारा विधिवत अनावरण किया गया, जिसने समारोह को और भी ऐतिहासिक बना दिया।

शोभा यात्रा में शामिल हुए उपेंद्र कुशवाहा

इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा भी शोभा यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने सम्राट अशोक को भारत ही नहीं, बल्कि विश्व इतिहास का महान शासक बताते हुए कहा कि अशोक ने शक्ति के साथ-साथ करुणा, न्याय और मानवता का संदेश दिया। कुशवाहा ने कहा कि कलिंग युद्ध के बाद अशोक का जीवन बदल गया और उन्होंने हिंसा का मार्ग छोड़कर शांति और बौद्ध धर्म का प्रचार किया, जो आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा है।

सम्राट अशोक के आदर्शों को अपनाने की अपील


इस मौके पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि, सम्राट अशोक ने भारत को एकता के सूत्र में बांधने का काम किया और उनके शासनकाल में प्रशासनिक व्यवस्था, सड़कों, स्तंभों और स्तूपों का व्यापक विकास हुआ। अशोक के धम्म का मूल उद्देश्य समाज में समानता, सद्भाव और नैतिक मूल्यों की स्थापना था। कुशवाहा ने युवाओं से अपील की कि वे सम्राट अशोक के आदर्शों को अपनाएं और समाज में भाईचारा व शांति का संदेश फैलाएं।

जगह-जगह शोभा यात्रा का हुआ भव्य स्वागत

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और विभिन्न संगठनों के सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे। पूरे मार्ग में शोभा यात्रा का भव्य स्वागत किया गया, जिससे सासाराम का माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया। सम्राट अशोक की प्रतिमा के अनावरण के साथ ही कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और पुष्पांजलि के साथ किया गया।

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