भुवनेश्वर: ओडिशा की महिलाओं पर केंद्रित प्रमुख योजना, सुभद्रा योजना, अब और ज़्यादा महिलाओं तक अपनी पहुँच बढ़ा रही है। राज्य सरकार ने शनिवार को घोषणा की कि 1 अप्रैल से 30 अप्रैल, 2026 तक नए आवेदन स्वीकार किए जाएँगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जो महिलाएँ पहले इस योजना का लाभ लेने से चूक गई थीं, वे अब 2026-27 के वित्तीय वर्ष में इसके लाभों के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगी।

यह योजना 21 से 60 वर्ष की आयु की पात्र महिलाओं को 10,000 रुपये की वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिसे दो किस्तों में दिया जाता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस अवधि के दौरान केवल पहली बार आवेदन करने वाली महिलाओं के आवेदनों पर ही विचार किया जाएगा; जिन महिलाओं ने पिछले चरणों में पहले ही आवेदन कर दिया है, वे दोबारा आवेदन करने की पात्र नहीं होंगी।

रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और ‘आमा सेवा केंद्र’ (ASK) पर मौजूद सुभद्रा पोर्टल के माध्यम से आवेदन जमा किए जा सकते हैं। इसके अलावा, पूरे राज्य में स्थित आँगनवाड़ी केंद्रों और CDPO कार्यालयों में भी आवेदन पत्र निःशुल्क उपलब्ध होंगे।

उप-मुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने इस पहल को “महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम” बताया, और सभी पात्र लाभार्थियों से इस अवसर का लाभ उठाने का आग्रह किया। इस विस्तार के साथ, सरकार को उम्मीद है कि वह सुभद्रा योजना के दायरे में और अधिक महिलाओं को शामिल कर सकेगी, जिससे पूरे ओडिशा में इस योजना की पहुँच और प्रभाव और भी अधिक मज़बूत होगा।