रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रसारित अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे “मोर गांव मोर पानी’ महा अभियान के अंतर्गत कोरिया जिले में किए गए नवाचार का जिक्र किया. उन्होंने जल संरक्षण मॉडल की सराहना करते हुए ‘5% मॉडल’ को प्रभावी पहल बताते हुए इसे सतत् विकास और ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के जरिए देशवासियों को संबोधित करते हुए गर्मी शुरू होने के साथ जल संरक्षण के अपने संकल्प को फिर से दोहराने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में ‘जल संचय अभियान’ ने लोगों को बहुत जागरूक बनाया है. इस अभियान के तहत देश-भर में करीब 50 लाख आर्टिफिशयल वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाए गए हैं.
उन्होंने कहा कि मुझे ये देखकर अच्छा लगता है कि अब जल संकट से निपटने के लिए गाँव-गाँव में सामुदायिक स्तर पर प्रयास होने लगे हैं. कहीं पुराने तालाबों की सफाई हो रही है, कहीं बरसात के जल को सहेजने के लिए प्रयास किया जा रहा हैं. इसी तरह के प्रयासों की चर्चा करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में भी एक अनोखी पहल की चर्चा की.
प्रधानमंत्री ने बताया कि कोरिया के किसानों ने एक सरल, लेकिन प्रभावशाली idea पर काम किया।.यहां के किसानों ने अपने खेतों में छोटे-छोटे रिचार्ज तालाब और सोखता गड्ढे बनाएँ, जिससे बारिश का पानी खेतों में ही रुकने लगा और धीरे-धीरे वह जमीन के अंदर जाने लगा. आज इस क्षेत्र के 1200 से अधिक किसान इस model को अपना चुके हैं और गाँव का ग्राउंड वाटर लेवल बहुत बेहतर हो गया है.
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