चंडीगढ़। चंडीगढ़ स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यालय के बाहर बुधवार शाम हुए धमाके ने पंजाब की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है। इस घटना को लेकर जहां विपक्षी दल कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी सरकार को घेर रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बेहद कड़े शब्दों में विरोधियों पर पलटवार किया है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया के जरिए विरोधियों के दोहरे रवैये पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जब भी चंडीगढ़ पर पंजाब के हक की बात होती है, तो उन्हें ‘देश का गद्दार’ बता दिया जाता है और कहा जाता है कि चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश है, इसलिए पंजाब इससे दूर रहे। लेकिन जैसे ही चंडीगढ़ में कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसके लिए पंजाब के मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया जाने लगता है।

मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर लिखा कि चाहे पंजाब यूनिवर्सिटी में धरना हो, किसानों का दिल्ली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो, या चंडीगढ़ में होने वाली फिरौती और बम धमाके जैसी वारदातें—विपक्षी दल हर चीज के लिए भगवंत मान को कठघरे में खड़ा कर देते हैं।
उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि जब मैं कहता हूं कि चंडीगढ़ हमारे पंजाब का है, तो कहा जाता है कि मान देश का गद्दार है। तब कहा जाता है कि चंडीगढ़ केंद्र का है और हम इससे दूर रहें। लेकिन अब ऐसी चालाकियां नहीं चलेंगी।

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि बुधवार शाम चंडीगढ़ में भाजपा मुख्यालय के पास एक धमाका हुआ था, जिससे पार्किंग में खड़ी कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा। इस घटना के बाद भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री मान को घेरना शुरू कर दिया था। भाजपा का आरोप है कि पंजाब में सुरक्षा की स्थिति बिगड़ रही है, जिसका असर पड़ोसी क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है।