चंडीगढ़। राघव चड्ढा को राज्यसभा से डिप्टी लीडर के हटाए जाने के बाद अब उन्होंने अपनी भड़ास निकाली है. उन्होंने आम आदमी पार्टी के निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि आम जनता के लिए उन्होंने आवाज उठाई थी, जिसकी सजा उन्हें मिली है.

राघव चड्‌ढा ने कहा कि आज ये सवाल मैं इसलिए पूछ रहा हूं, क्योंकि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सेक्रेटेरिएट को ये कहा गया है कि राघव चड्‌ढा के बोलने पर रोक लगा दी जाए. जी हां, आम आदमी पार्टी ने पार्लियामेंट को ये सूचित किया है कि राघव चड्‌ढा को बोलने का मौका न दिया जाए. अब भला कोई मेरे बोलने पर रोक क्यों लगाना चाहेगा. मैं तो जब बात करता हूं, देश के आम आदमी की बात करता हूं. इस मामले को लेकर राघव चड्ढा ने कहा कि मैं वो दरिया हूं जो सैलाब बनकर आउंगा. मेरा आम आदमी के लिए मैसेज है कि खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं आम आदमी को ये मेरा संदेश है.

क्या अपराध है आवाज उठाना?

राघव चड्ढा ने वीडियो में कहा कि मुझे जब-जब पार्लियामेट में बोलने का मौका मिलता है, तो मैं सिर्फ आम लोगों के मुद्दे ही उठाता हूं. शायद ऐसे मुद्दे उठाता हूं जो संसद में उठाए नहीं जाते. पर क्या जनता के मुद्दे उठाना, पब्लिक इश्यूज़ पर बात करना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई गुनाह किया, या मैंने कोई गलती की है?

बीते दिन ही पार्टी ने हटाया था पद से

गौर करने वाली बात है कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने वीरवार को सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटा दिया था. राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को उनकी जगह दे दी। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर जानकारी दी थी.

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