Bastar News Update : बस्तर। बस्तर परिवहन संघ के चुनाव में इस बार ‘अपना पैनल’ ने पूरी ताकत दिखाते हुए सभी पदों पर जीत दर्ज कर एकतरफा बढ़त हासिल कर ली है, जिससे संघ की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अध्यक्ष पद पर प्रदीप पाठक ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को भारी मतों से हराकर स्पष्ट संदेश दिया कि इस बार मतदाताओं ने एकजुट होकर नेतृत्व बदलने का फैसला किया है। देर रात परिणाम घोषित होते ही संघ कार्यालय के बाहर जश्न का माहौल बन गया, जहां आतिशबाजी और मिठाईयों के साथ जीत का उत्सव देर तक चलता रहा। पूरे दिन चले मतदान के दौरान बीपीएस कार्यालय के बाहर गहमागहमी का माहौल रहा, जहां दोनों पैनलों के समर्थक वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए लगातार प्रयास करते नजर आए। सुबह धीमी शुरुआत के बाद दोपहर में मतदान ने रफ्तार पकड़ी और बड़ी संख्या में मतदाताओं, खासकर महिलाओं की भागीदारी ने चुनाव को और रोचक बना दिया। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस और ट्रैफिक टीम लगातार मुस्तैद रही, जिससे पूरे दिन मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मतदान और मतगणना के हर राउंड में मुकाबला रोमांचक बना रहा, लेकिन अंततः ‘अपना पैनल’ ने बाजी मार ली। नई कार्यकारिणी ने साफ किया है कि उनका मुख्य लक्ष्य परिवहन व्यवसाय को नई दिशा देना और सदस्यों के लिए बेहतर अवसर तैयार करना होगा। प्रशासन के साथ तालमेल बनाकर काम करने और व्यवसाय को मजबूत करने के वादे के साथ अब नई टीम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

बस्तर में कांपी धरती, कोरापुट में भूकंप का केंद्र
जगदलपुर में अचानक उस वक्त हलचल मच गई जब लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। जगदलपुर सहित बस्तर के कई इलाकों में धरती डोलती महसूस की गई, जिससे लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि भूकंप का केंद्र कोरापुट में था, जहां राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार रिक्टर स्केल पर 4.4 मैग्नीट्यूड की तीव्रता दर्ज की गई। झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस भूकंप से अब तक किसी भी तरह की जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।
एडवेंचर से बदल रही बस्तर की पहचान, रफ्तार और संस्कृति का संगम बना राइडर्स मीट
बस्तर अब केवल जंगल और शांति की पहचान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तेजी से एडवेंचर और टूरिज्म के नए हब के रूप में उभरता नजर आ रहा है, जहां बस्तर राइडर्स मीट 2026 ने इस बदलाव को नई रफ्तार दे दी है। शहर में पहली बार आयोजित इस मेगा इवेंट में प्रोफेशनल बाइकर्स के खतरनाक स्टंट और डर्ट बाइक रेस ने लोगों को रोमांच से भर दिया और बस्तर के युवाओं में एक नई ऊर्जा पैदा की। आयोजन में देशभर के साथ विदेशों से आए राइडर्स ने हिस्सा लेकर यह संदेश दिया कि बस्तर अब सुरक्षित और संभावनाओं से भरा क्षेत्र बन चुका है। कार्यक्रम के दूसरे दिन जगदलपुर से चित्रकोट तक निकली विशाल बाइक रैली ने सड़क सुरक्षा के संदेश को भी नई दिशा दी, जिसमें पुलिस और आम लोग एक साथ नजर आए। सुपर बाइक प्रदर्शनी और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति ने इस आयोजन को केवल खेल तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे सांस्कृतिक उत्सव का रूप दे दिया। इस आयोजन ने साफ संकेत दिया है कि अगर इसी तरह प्रयास जारी रहे, तो बस्तर आने वाले समय में एडवेंचर टूरिज्म का बड़ा केंद्र बन सकता है।
शहादत की छाया में अटका विकास, बुरकापाल आज भी मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहा
सुकमा। साल 2017 की दर्दनाक घटना के बाद सुर्खियों में आया बुरकापाल गांव आज भी विकास की राह में पिछड़ा हुआ नजर आता है, जहां शहादत की यादें तो हैं, लेकिन सुविधाओं की रोशनी अब तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाई है। गांव में जल जीवन मिशन के तहत अधूरा पानी टैंक, कच्ची सड़कें और राशन के लिए किलोमीटरों का सफर आज भी ग्रामीणों की मजबूरी बनी हुई है। नक्सली घटना के बाद जेल और डर के साए में गुजरे वर्षों ने ग्रामीणों की जिंदगी को गहराई से प्रभावित किया, जिसका असर आज भी साफ दिखता है। कई परिवार गांव छोड़ने को मजबूर हुए, तो कई घर आज भी अधूरे पड़े हैं, जो अधूरे विकास की कहानी बयां करते हैं। एक ही परिवार पर दोहरी मार की कहानी यह बताती है कि यहां सिर्फ बुनियादी ढांचे ही नहीं, बल्कि भरोसे का पुनर्निर्माण भी जरूरी है। अब नक्सल प्रभाव कम होने के बाद गांव को विकास की नई उम्मीद है, लेकिन जमीन पर काम की रफ्तार अभी भी सवालों के घेरे में है।
अवैध लकड़ी पर वन विभाग की कार्रवाई, खेत से मिला लाखों का जखीरा
कोंडागांव। वन संसाधनों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए माकड़ी क्षेत्र में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध लकड़ी का भंडारण पकड़ा है, जिससे अवैध कटाई के नेटवर्क पर करारा प्रहार हुआ है। ग्राम मगेदा में एक किसान की बाड़ी से बड़ी मात्रा में लकड़ी जब्त की गई, जिसकी कीमत लाखों में आंकी गई है। उड़नदस्ता टीम की सतर्कता से हुई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि जंगलों की संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अवैध कटाई और भंडारण के खिलाफ अभियान आगे भी इसी सख्ती से जारी रहेगा। इस कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर भी संदेश गया है कि अब जंगलों के दोहन को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गैस संकट से बिगड़ा स्वाद का गणित, महंगाई ने स्ट्रीट फूड का जायका बदला
जगदलपुर। जगदलपुर में कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत ने सीधे आम लोगों की जेब पर असर डालना शुरू कर दिया है, जहां चाय से लेकर नाश्ते तक हर चीज महंगी होती जा रही है। होटल और ठेला संचालकों के सामने बढ़ती लागत ने संकट खड़ा कर दिया है, जिसके चलते मजबूरी में दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं। समोसे से लेकर चाय तक के बढ़े हुए दामों ने ग्राहकों की संख्या को प्रभावित किया है। वहीं कई दुकानदारों ने नुकसान से बचने के लिए खाने की मात्रा तक कम कर दी है। इस स्थिति ने छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्गीय परिवारों की आजीविका पर सीधा असर डाला है। अगर जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं होती, तो यह संकट शहर की अर्थव्यवस्था और पर्यटन पर भी असर डाल सकता है।
सागौन तस्करी पर बड़ी चोट, अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा
सुकमा। गोलापल्ली क्षेत्र में वन विभाग ने सागौन तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो लंबे समय से सक्रिय बताया जा रहा था। रात के समय गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखते हुए टीम ने मौके पर दबिश दी और भारी मात्रा में सागौन लकड़ी जब्त की। कार्रवाई के दौरान तस्करी में इस्तेमाल वाहन भी जब्त किया गया और आरोपियों के खिलाफ वन अपराध का मामला दर्ज किया गया है। विभाग की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि जंगलों की सुरक्षा को लेकर अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों से क्षेत्र में अवैध तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद बढ़ी है।
दशक भर से अधर में बायपास, विकास की रफ्तार पर ब्रेक
कोंडागांव। केशकाल बायपास परियोजना, जो क्षेत्र के विकास और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही थी, पिछले कई वर्षों से अधूरी पड़ी है और अब यह लोगों के लिए चिंता का विषय बन चुकी है। इस परियोजना के पूरा होने से व्यापार, परिवहन और शहरी यातायात को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन काम शुरू न होने से ये उम्मीदें अधर में लटक गई हैं। नई स्वीकृति और बजट मिलने के बाद भी निर्माण कार्य की धीमी गति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घोषणाएं तो हुईं, लेकिन जमीन पर काम नजर नहीं आ रहा। अब मांग उठ रही है कि इस परियोजना को प्राथमिकता में रखकर जल्द शुरू किया जाए, ताकि क्षेत्र के विकास को गति मिल सके।
जंगल में लौट रही जिंदगी, नीलगाय की मौजूदगी ने बदली तस्वीर
अबूझमाड़। अबूझमाड़ के जंगलों में नीलगाय का दिखाई देना केवल एक सामान्य घटना नहीं, बल्कि क्षेत्र में लौटती शांति और पर्यावरणीय संतुलन का संकेत माना जा रहा है। जो इलाका कभी नक्सल प्रभाव के कारण असुरक्षित माना जाता था, वहां अब वन्यजीवों की वापसी नई उम्मीद जगा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव सुरक्षा, स्थानीय सहयोग और प्राकृतिक संरक्षण के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। जंगलों में बढ़ती स्थिरता ने न केवल वन्यजीवों को वापस लाया है, बल्कि इको-टूरिज्म की संभावनाओं को भी मजबूत किया है। हालांकि, इसके साथ संतुलित विकास की चुनौती भी जुड़ी हुई है, जिसे ध्यान में रखते हुए आगे की योजना बनाना जरूरी होगा।
अवैध शराब पर पुलिस का शिकंजा, सुनसान मकान से बड़ी खेप बरामद
दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, जहां एक सुनसान मकान से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की गई है। मुखबिर की सूचना पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके पर दबिश देकर पूरे जखीरे को अपने कब्जे में लिया। हालांकि कार्रवाई के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने जब्त शराब और वाहनों के साथ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि जिले में अवैध कारोबार पर पुलिस की नजर लगातार बनी हुई है और आने वाले समय में ऐसे मामलों पर और सख्ती देखने को मिल सकती है।
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