कुंदन कुमार, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा में निर्वाचित होने के बाद से सीएम चेहरे को लेकर बिहार घमासान मचा हुआ है। एक तरफ यह दावा किया जा रहा है कि नीतीश कुमार के इस्तीफा देने के बाद बीजेपी से बिहार को पहला मुख्यमंत्री मिल सकता है। इस रेस में मौजूदा डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे चल रहा है। हालांकि इस बीच जदयू की ओर से निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग तेज हो चुकी है।

‘नीतीश नहीं तो, निशांत चाहिए’

दरअसल कल शनिवार (4 अप्रैल) को जहां, निशांत को सीएम बनाने की मांग को लेकर पटना में जदयू कार्यालय के बाहर पोस्टर लगाए गए थे। वहीं, आज रविवार (5 अप्रैल) को पटना के गांधी मैदान में सुधार वाहिनी और अन्य संगठनों से जुड़ी सैकड़ों महिलाएं निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर सत्याग्रह पर बैठ गईं। इस दौरान महिलाओं के हाथ में तख्ती भी था, जिसपर लिखा हुआ था- ‘नीतीश नहीं तो, निशांत चाहिए’

बीजेपी से नहीं हो सकता बिहार का विकास

सत्याग्रह पर बैठी सुधार वाहिनी की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का कहना है कि, नीतीश कुमार के काम को निशांत ही आगे बढ़ा सकते हैं। बीजेपी और किसी नेता से बिहार का विकास नहीं हो सकता। इसलिए नीतीश की जगह निशांत ही चाहिए। उन्होंने साफ-साफ कहा कि, बिहार में नीतीश जी ने जो विकास किया है, वो एक मिल का पत्थर साबित हो रहा है। अगर मुख्यमंत्री जी पद छोड़े तो हमलोग की यही मांग है कि वो निशांत को ही मुख्यमंत्री बनाए जाए।

10 अप्रैल को ले सकते हैं राज्यसभा सदस्य पद की शपथ

सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार सीएम नीतीश 9 अप्रैल को दिल्ली दौरे पर रवाना हो रहे हैं, जहां 10 अप्रैल को वह राज्यसभा सदस्य पद की शपथ लेगें। इसके साथ ही पटना लौटने के बाद वह मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा दे देंगे। इन सबके बिहार की सियासत हलचल एक बार फिर से तेज हो गई है। वहीं, दिल्ली रवाना होने से पहले नीतीश ने 8 अप्रैल को कैबिनेट की एक अहम बैठक बुलाई है। यह कैबिनेट बैठक उनकी अंतिम कैबिनेट बैठक हो सकती है, जिसमें सीएम नीतीश कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगा सकते हैं।

ये भी पढ़ें- ‘बहुत कुछ उनके हाथ में नहीं’, उपेंद्र कुशवाहा ने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ